विशिष्ट अतिथि संकुल साधन सेवी संजय कुमार ने कहा कि असफलता सफलता की पहली सीढ़ी होती है। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराना नहीं है, बल्कि अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी, निष्ठा और मेहनत से लगे रहना है।, सफलता एक दिन जरूर मिलेगी। देश में रतन टाटा, अमिताभ बच्चन सहित ऐसे कई महापुरुष हुए हैं, जिन्होंने असफलता को एक चुनौती के रूप में लिया और सफलता के उच्चतम शिखर पर पहुंचने का काम किया।
विशिष्ट अतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड सेरेमनी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से छात्र-छात्राओं के हौसलों को उड़ान मिलेगी। उन्होंने विकसित देशों की चर्चा करते हुए कहा कि हमें रोजगार पाने के लिए नहीं, बल्कि रोजगार देने के विषय पर कारगर प्रयास करने की जरूरत है।
कार्यक्रम को संकुल साधन सेवी संजय कुमांर ,राज्य संपोषित हाई स्कूल करनडीह प्रधानाध्यापक शोभा कुजूर दक्षिण करनडीह मुखिया सरस्वती टुडू ,विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष एवं सदस्यों ने भी संबोधित किया। मुख्य अतिथि दक्षिण करनडीह मुखिया सरस्वती टुडू सहित सभी अतिथियों को बुके देकर कर सम्मानित किया गया।
ज्ञातव्य है कि राज्य संपोषित हाई स्कूल करनडीह पिछले लगभग 15 वर्षों से मैट्रिक के टॉप 5 छात्र- छात्राओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाने का काम करते आ रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने में इस विद्यालय के शिक्षक शिक्षिका ममता मंजूसा होरो , लूसी जयंती तिर्की, समीर टोपनो ,अंजलि गागराई ,तनुजा साव ,बृज कुमारी, सुजाता, अलका भंगरा ,राखी महाली , रुमिता रानी घोष, रूमा रानी मोहंती ,प्रताप सोरेन ,निवास चंद्र पांडे मुचीराम, सोरेन ,पदमावती सरदार इत्यादि लोग सक्रिय रूप से भागीदारी रही।l

No comments:
Post a Comment