बंदगांव। रथयात्रा के दूसरे दिन कराईकेला पंचायत के हरि मंदिर से गुरुवार को प्रभु जगन्नाथ की बाहुड़ा यात्रा निकाली गयी। महाप्रभु जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र व बहन देवी सुभद्रा के साथ हरि मंदिर के समीप विश्राम करने के बाद श्रीमंदिर के लिए निकले। जगह जगह भक्तों ने पूजा अर्चना किया।भक्तों द्वारा प्रभु जगन्नाथ की जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। मालूम रहे कि 8 दिनों तक मौसी बाड़ी में विराजमान प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा संग वापस श्री मंदिर को लौटे।
भगवान गुरुवार को श्री मंदिर पहुंच कर सिंहासन में आरूढ़ हुए। पंडित जगदीश चंद्र ठाकुर एवं भरत मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ करीब पांच बजे जय जगन्नाथ के उदघोष के साथ रथयात्रा निकाली गई।कराईकेला में श्रद्धा व उल्लास के साथ प्रभु जगन्नाथ की बाहुड़ा यात्रा निकली गई।साहू टोला,सीताहार चौक ,नायक टोला,ब्राह्मण टोला समेत अन्य जगहों में प्रभु जगरनाथ की पूजा अर्चना की गई।
भगवान जगरनाथ मंदिर पहुंचने पर पूजा अर्चना कर आरती उतारी गयी। भक्तों में प्रसाद का भी वितरण किया गया। बाहुड़ा यात्रा के दौरान सभी परंपराओं का निर्वाह किया गया। देर शाम प्रभु अपने धाम पहुंचे। इस मौके पर पीपुल्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव ड़ॉ विजय सिंह गागराई ने प्रभु जगरनाथ की पूजा अर्चना कर क्षेत्र की सुख शांति की कामना किया। उन्होंने कहा कि प्रभु जगरनाथ की रथयात्रा हिन्दुओं का बहुत बड़ा त्योहार है.ये त्योहार क्षेत्र में सुख शांति के अलावे धर्म एवं आस्था का त्योहार है।इस मौके पर कराईकेला जगन्नाथ पूजा कमेटी 64 मौजा के सभी सदस्य एवं भक्तगण उपस्थित थे।

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