सोनाहातू । प्रखंड के तिलाई पिड़ी गांव के ग्राम थान स्थान में सोमवार को ग्रामीणों ने ग्राम की सुख-शांति व फसल की अच्छी पैदावार के लिए ग्राम पूजा की। गांव के पाहान पुष्कर महतो, प्रधान महतो और अशोक महतो ने ग्राम देवता की पूजा-अर्चना कर खुश करने के लिए एक ही रंग के मुर्गे, बकरा,भेड़ की बलि दी। उसके बाद ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों की ऐसी मान्यता है की भगवान अगर खुश होंगे तो फसल की अच्छी पैदावार होगी। फसल की बुआई करने के पहले ग्रामीण ग्राम पूजा करते है।तिलाई पिड़ी गांव में ग्राम पूजा काफी उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। प्रखंड के तिलाई पिड़ी गांव के ग्राम थान में बकरे,भेड़, मुर्गी की बलि चढ़ाकर पूजा संपन्न हुआ। गांव में ग्रामीणों ने बड़ी धूमधाम से ग्राम पूजा मनाया।
ग्राम पूजा के पूर्व गांव के सभी महिलाओं ने अपने-अपने घरों से टूटे-फटे मिट्टी के बर्तन और झाड़ू एवं अन्य वस्तुएं को घर के बाहर निकाल कर गांव से दूर किसी विरान जगह पर सब एक जगह रख देती है।जब तक सभी महिला मिट्टी के बर्तन आदि को रख कर एवं नहा-धोकर कर वापस नहीं आती है, तब तक घर में किसी भी प्रकार का कोई खाना नहीं बनता है। अगर कोई खाना पकाते है तो वह अशुद्ध माना जाता है।
गांव की सभी महिलाएं बर्तनों आदि को फेंक कर उसके बाद सभी नहा-धोकर घर में प्रवेश कर के देवताओं का पूजा-पाठ करती है। ग्राम पूजा करने के पश्चात ग्रामीणों द्वारा गांव के किसी स्थान पर बकरे का मिट को काटकर बनाते है,और सभी गांववासियों को थोड़ा प्रसाद के रूप में वितरण करते है। एवं बकरे, मुर्गी,भेड़ का मुंडी को काटकर खिचड़ी तैयार कर सभी ग्रामीण एक साथ बैठकर खाते है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ग्राम देवता की पूजा करने से गांव में प्राकृतिक आपदा जैसे – संक्रामक बीमारियां, बाढ़, आग, अशांति, रोगों आदि से दूर रहता है। ग्राम पूजा करने से गांव की सीमा के भीतर अप्रिय घटना आदि से राहत मिलता है।

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