गुवा । टीएसएलपीएल खदान प्रबंधन तितलीघाट गांव के दो ग्रामीण गलाय चाम्पिया और रामेश्वर के मृत पशुओं का मुआवजा जल्द नहीं देती है तो ग्रामीण उक्त कंपनी के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उक्त बातें संयुक्त रूप से सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम, तितलीघाट के मुंडा मंचुड़िया सिद्धू, जोजोगुटू के मुंडा कानुराम देवगम, छोटानागरा के मुंडा बिनोद बारीक, मजदूर नेता राजेश सांडिल ने कही।
इन्होंने कहा कि बीते वर्ष टीएसएलपीएल खदान का चेक डैम वर्षांत के मौसम में टूट गया था। जहां से लाखों टन फाइन्स बहकर प्राकृतिक नदी-नाला व ग्रामीणों के खेतों को भरकर दलदल में तब्दील कर दिया था। इसी दलदल में फंसकर तितलीघाट गांव के उक्त दो ग्रामीणों के बैल व गाय की मौत हो गई थी।
ग्रामीणों ने बताया कि उस समय प्रबंधन से वार्ता हुई थी, जिसमें प्रबंधन ने पशु मालिकों को जल्द मुआवजा देने की बात कही थी। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी टीएसएलपीएल प्रबंधन ने आज तक मुआवजा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी प्रबंधन जल्द मुआवजा या उनको पशु उपलब्ध नहीं कराता है तो प्रभावित गांवों के ग्रामीण खदान में घुसकर उत्पादन व माल ढुलाई कार्य को ठप कराने के लिये बाध्य होंगे।

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