भगवान रामकृष्ण परमहंस ने कहा है,, ईश्वर एक है, लेकिन नाम अनेक है। एक राम,हज़ारों नाम। एकही पानी को कोई जल,कोई,वाटर,कोई पानी बोलते है उसी प्रकार एक ही ईश्वर को कोई भगवान, कोई अल्लाह, कोई गॉड,कोई राम,कृष्ण, हरि,काली,दुर्गा आदि बोलते हैं। एकही ब्यक्ति किसी का पिता, किसी का स्वामी, किसी का बंधु, किसी का चाचा, किसी का मामा है उसी प्रकार एकही ईश्वर को कोई पिता,कोई माता,कोई बंधु,कोई सखा के रूप में पूजते है।
एक ही ईश्वर के पास जाने का अनेक रास्ता और उपाय है। प्रत्येक धर्म एक एक उपाय है। बिभिन्न नदी बिभिन्न रास्ते पर जाकर जैसे एक ही सागर में मिलती है उसी प्रकार लोग बिभिन्न धर्म के माध्यम से एक ही ईश्वर के पास जा सकते है, उसे प्राप्त कर सकते है साधना और तपस्या के बल से।जितना मत है उतना ही पथ है, लेकिन लक्ष्य सब का एक है।अगर दुनिया में एक धर्म सत्य है तो सभी धर्म सत्य है।इसलिए धर्म के नाम पर लड़ाई,झगड़ा,दंगा,फसाद,हिंसा,रक्तपात करना मूर्खता और अज्ञानता है।
इसलिए सभी धर्म के लोगों से मेरा अपील है आप सभी भगवान रामकृष्ण परमहंस के आदर्श और राह पर चलने का कोशिश करें और धर्म व ईश्वर को लेकर झगड़ा,बिबाद, हिंसा और रक्तपात बंद करने की चेस्टा करें, साथ ही साथ बलपूर्वक धर्मांतरण करना, दूसरे धर्म की निंदा करना,किसी देवदेवियों और महापुरुषो की निंदा, बदनाम और गंदी टीका टिप्पणी करना भी बंद करें।
दुनिया में अपने अपने धर्म की रक्षा करना, धर्म को मानना, अपने-अपने नियम अनुसार अपने अपने ईश्वर को मानना और आराधना करना सभी का मौलिक अधिकार है। यह कोई न समझे कि दुनिया में केवल उसी का धर्म और ईश्वर सत्य है और दूसरों का सब गलत है, उसी का धर्म दुनिया में केवल रहेगी और सारे धर्म खत्म हो जाएगी यह एक भ्रम है। इसलिए सभी धर्म के लोग भगवान रामकृष्ण परमहंस देव की वाणी को आत्मस्वात करें और धर्म के नाम रक्तपात और अशांति फैलाना बंद करें यह मेरी अपील है।


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