गम्हरिया। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (जेसीईआरटी) के निर्देश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं डाट, गम्हरिया के नेतृत्व में 50 विद्यालयों के शिक्षकों को विद्यालय अरोग्य दूतों के रूप में पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ सोमवार को हुआ। इसका उद्घाटन कोल्हान प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक निर्मला कुमारी बरेलिया ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों को स्वास्थ्य, पोषण, शुद्ध पेयजल, योग, चिंतन, मानसिक रूप से स्वस्थ रहने, सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करने, किशोरियों में माहवारी सबंधी स्वच्छता एवं प्रबंधन की जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनाना है। इस मौके पर डायट की प्राचार्या अंबुजा राज लक्ष्मी ने कहा कि यह कार्यक्रम आयुष्मान भारत पहल के तहत भारत सरकार एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है।
प्रशिक्षण का उददेश्य शिक्षकों को विद्यालय आरोग्य दूत के रूप में तैयार करना है, ताकि वे अपने शिक्षण शैली में जीवन कौशल संबंधी जानकारी विभिन्न गतिविधियों के सहारे विद्यार्थियों को सहज तरीके से दे सके। मौके पर सेंटर फॉर कैटलाइजिंग चेंज के अविनाश कुमार ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत किशोर-किशोरियों के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं एवं मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास किया गया है।
ऐसा माना जाता है कि बच्चों एवं किशोरों के स्वास्थ्य एवं कल्याण मे प्रत्यक्ष निवेश करने से उनके वर्तमान समूह के स्वास्थ्य एवं बेहतरी ही नही बल्कि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य की बेहतरी भी सुनिश्चित की जा सकती है। इस मौके पर काफी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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