गुवा । किरीबुरु-मेघाहातुबुरु की ऊंची पहाड़ियों समेत सारंडा के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार की दोपहर से लगातार हो रही भारी वर्षा की वजह से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पहाड़ों से नीचे उतर रही वर्षा का पानी की वजह से सारंडा होकर गुजरने वाली तमाम नदी-नाले उफान पर हैं। इस वर्षा ने सारंडा के किसानों को भी राहत दी है। किसान खुश हैं। उनके खेतों में सूखते धान, मक्का, बाजरा, उड़द आदि की फसल को इस वर्षा का पानी ने संजीवनी देने का काम किया है। अब किसान धान की रोपनी शुरू करेंगे।
हालांकि सारंडा के विभिन्न गांवों के मुंडा व मानकी ने बताया कि जिस तरह लगातार वर्षा किरीबुरु की ऊंची पहाड़ी पर हो रही है, वैसी वर्षा सारंडा के निचले भाग में नहीं हो रही है। लेकिन शनिवार की दोपहर से सुबह तक वर्षा हुई है, जिससे हमारे फसलों को राहत मिली है। दूसरी तरफ बराईबुरु स्थित हाथी गेट के सामने से गुजरी कारो नदी, सारंडा के छोटानागरा क्षेत्र से गुजरी कोयना नदी का जल स्तर में भारी वृद्धि देखी जा रही है। सारंडा से गुजरी इन नदियों का पानी का प्रकोप से नदी किनारे गांवों के ग्रामीण भलीभांति परिचित हैं, क्योंकि नदी-नाला में पानी काफी कम दिखता है।
लेकिन दूर किसी पहाड़ी पर भी वर्षा होती है तो अचानक ये नदियां विकराल रूप धारण कर लेती हैं। ऐसे में कई लोगों के वाहन बह चुके हैं। इसलिए नीचले क्षेत्र में नदी-नाला किनारे के लोगों को काफी सावधानी बरतने की जरुरत है।


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