उन्होंने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना के तहत गंगदा पंचायत के गंगदा, दुईया, सलाई, घाटकुड़ी, टिमरा, राडुवा, मम्मार, हिनुआ, कासिया-पेचा, सोदा, चुर्गी, दोदारी, रोवाम, कुम्बिया अर्थात 14 गांव के ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल दिया जाना है, लेकिन आज तक सिर्फ दोदारी, ममार, सलाई और दुईया गांव के कुछ घरों को ही पानी दिया जा रहा है।
इस योजना की प्राक्कलित राशि 1437.78 लाख रुपये, जल शोध संयंत्र की क्षमता 1.20 एमएलडी, इस योजना का दो जलमीनार जिसमें 1.80 लाख लीटर क्षमता का दोदारी एंव 1.15 लाख लीटर क्षमता का काशिया-पेचा में बनाया गया है। पानी पाइप की कुल लम्बाई 56 किलोमीटर, योजना का स्रोत कोयना नदी में इंटेक कुआं बनाकर उसमें 20 एचपी का मोटर लगा कर सभी गांवों में पानी पहुंचाना था। राजू सांडिल ने कहा कि दोदारी गांव में स्थित आसन्न जलापूर्ति योजना में भारी भ्रष्टाचार की गई है।
इसमें पीएचईडी विभाग के उच्च अधिकारी भी शामिल हैं। वे इस कार्य के ठेकेदार को बचाने में लगे हुये हैं। 14 मार्च 2022 को इस मामले को लेकर सलाई चौक के पास एनएच जाम किया गया था। इसके बाद पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभु दयाल मंडल ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया था कि गंगदा पंचायत के दोदारी जल मीनार से फस्ट फेज के सभी आठ गांवों में जहां पाइप लाइन बिछा हुआ है, वहां पानी पहुंचाने का कार्य 15 अप्रैल 2022 तक पूरा करा दिया जायेगा।
काशिया-पेचा गांव स्थित जल मीनार से छह गांवों में दूसरे फेज के तहत पानी पहुंचाने का कार्य पूरा करने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन आज तक कोई भी कार्य नहीं हुआ। इससे गंगदा पंचायत के सभी गांवों के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। पानी के लिए सभी पुनः अनिश्चितकालीन एनएच जाम करेंगे।

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