जमशेदपुर। हिंदी दिवस पर कलम की सुगंध झारखंड मंच पर सुंदर काव्य पाठ का आयोजन हुआ। अनेक सदस्यों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी सदस्यों ने एक से बढ़कर एक काव्य पाठ किया। कवियित्री रीना गुप्ता ने अपनी काव्यपाठ में बताया "हिंदी बिंदी हिंद की, सजाती राष्ट्र भाव। सरल सरस भाषा यही,छेड़े मधुरिम ताल। शहर की सुप्रसिद्ध कवियित्री रीना सिन्हा जी ने हिंदी के सम्मान में पढ़ा_"हिंदी भाषा हिंदी की,जन जन का अभिमान।
सजी रही मुख पे सदा,मन से हो सम्मान। सुप्रसिद्ध कवियित्री उपासना सिन्हा ने बताया "हमारे राष्ट्र का अभिमान है हिंदी। संस्कार संस्कृति का बोध कराती है हिंदी। चर्चित कवियित्री विंध्यवासिनी जी ने पढ़ा" हिंदुस्तानी हिन्दी भाषी, हिंदी से हमको प्यार है। शिक्षिका नीलम पेडिवाल ने"हिंदी है धनवान, हिंदी है बलवान हिंदी है महान। से हिंदी की महता बताया।
कवियित्री ममता कर्ण ने" हिंदी की संतान हूं, राम राम करती हूं। गूड मार्निंग से बचती हूँ " से पटल को सजाया। राँची की सुप्रसिद्ध कवियित्री रूणा रश्मि "दीप्त" जी ने बताया"हिंद की हिंदी सँवारे, राजभाषा को निखारें। रांची से ही रोज पटल को भक्तिमय बनाने वाली "सुनीता श्रीवास्तव जागृति ने अपनी सुंदर रचना से पटल को सजाया। सरायकेला खरसावां से प्रसिद्ध कवि अजीत कुमार कुंभकार जी ने भी हिंदी पर उत्तम रचना सुनाया।
वरिष्ठ साहित्यकार पटल की संरक्षिका प्रतिभा प्रसाद, कुमकुम ,पटल की अध्यक्ष आरती श्रीवास्तव विपुला, महासचिव वीणा पांडे भारती उपसचिव सबीता सिंह मीरा तथा मंच संचालिका किरण कुमारी वर्तनी जी ने भी अपनी खूबसूरत रचना से पटल की गरिमा बढ़ाई।


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