चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा शहर के स्थानीय दुर्गा मंदिर परिसर में श्री श्री सरस्वती हरी बोल दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा आयोजित महिषासुर मर्दिनि का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शारदा संगीतालय के अलावा शहर के अन्य कलाकारों ने भी भाग लिया। शारदा संगीतालय के निदेशक मानस राय ने कहा इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 80-85 कलाकार लगातार 1 महीने से अभ्यासरत थे, दुर्गा के रूप में स्निग्धा, सुभ्रा, रेनू ने ,काली के रूप में मिशा, सरस्वती के रूप में स्निग्धा,लक्ष्मी के रूप में सोनाक्षी, ब्रह्मा के रूप में देवाशीष,विष्णु के रूप में अंकित, महेश्वर के रूप में राजकुमार ,गणेश के रूप में मृणाल,कार्तिक के रूप में अनिक,इंद्र के रूप में रोबिन, शुंभ निशुंभ के रूप आयुष एवम सुमंतो ने मां दुर्गा के वाहन सिंह के रूप में श्लोक एवम तनिष्क ने अभिनय प्रस्तुत किया, महिषासुर के लिए नरेंद्र राम ने अपना भूमिका निभाई।
रक्तबीच राक्षस का रूप में नजर आए रवि, कलाकारों ने गीत संगीत के जरिए दर्शकों का मन मोह लिया, दर्शकों ने भी महिषासुर नित्य नाटिका का बहुत आनंद उठाया और इस बार इस नृत्य नाटिका में राम के रूप में प्रिंस,नवदुर्गा के रूप में पूनम, गरिमा, भाव्या, तृषा, वैष्णवी, संजना, श्रुति, वंशिका, सृष्टि भी नजर आए इस नए दृश्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
महिषासुर मर्दिनि कार्यक्रम को सफल बनाने में गायन टीम में जहा पार्थों,हिमांशु पूनम, देवजानी, शाइनी, प्रीति, शिवली, विनीता, अनामिका ने अपनी गायकी से सभी को मंत्रमुग्ध किया वही नृत्य टीम में सौरवी, शारदा, सानिया, खुशी, प्रीति, परी, राइमा, इशानी, तनिष्का, पिंकी, रूमा, प्याली, राइका, रिद्धि, तृषा, स्तुति, निशा, आराध्या ने अपने नृत्य से कार्यक्रम में जान डाल दी।
वहीं तबला में प्रणब दारिपा, की बोर्ड में आशुतोष, ऑक्टापैड में शंकर, गिटार में विवेक और सप्तम ने बखूबी साथ दिया। कार्यक्रम में चंडी पाठ कर रहे देवांगशु एवम पंडित की भूमिका में असित ने भी अपने प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया ,इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा कुंडू,नेहा बोस, देवाशीष चैटर्जी ,रमेश दास, बापी कुंडू ,तरुण दरीपा के अलावा हरि बोल कमेटी के सभी सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई।


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