Upgrade Jharkhand News. झारखंड महिला इंटक की ओर से महिला मज़दूरों के लिए 'जस्ट ट्रांजिशन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ झारखंड महिला इंटक की कार्यकारी अध्यक्ष भारती सिंह ने किया। इस मौके पर उन्हें जस्ट ट्रांजिशन की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो मजदूरों को सामाजिक न्याय और समानता को सुनिश्चित करती है। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जुस्को श्रमिक संघ के अध्यक्ष रघुनाथ पांडे ने कहा कि जस्ट ट्रांजिशन केवल तकनीकी बदलाव का विषय नहीं, बल्कि यह हमारे मज़दूर वर्ग, विशेषकर महिला मज़दूरों के जीवन और आजीविका को सुरक्षित रखने की एक ज़िम्मेदारी है। बदलते औद्योगिक परिदृश्य में हमें मिलकर ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे किसी का हक़ और रोज़गार न छीना जाए।
मौके पर उपस्थित टिस्को मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज़ आलम ने अपने संबोधन में कहा कि महिला मज़दूरों को नई तकनीक और कार्य पद्धतियों के अनुसार प्रशिक्षित करना हमारी प्राथमिकता है। उद्योग और श्रमिक संगठनों के बीच संवाद और सहयोग ही इस परिवर्तन को सुगम बना सकता है। इस मौके पर महिला इंटक की केंद्रीय कार्यकारी समिति की चेयरपर्सन देविका सिंह ने कहा कि जस्ट ट्रांजिशन का असर सबसे पहले महिलाओं पर होगा। इसलिए हमें इसे गहराई से समझना और स्वयं को इसकी प्रक्रिया में ढालना होगा। इस बदलाव में महिलाओं की भूमिका केवल भागीदार की नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता की होनी चाहिए। जब महिला मज़दूर सशक्त होंगी, तभी यह बदलाव न्यायपूर्ण और स्थायी होगा।
कार्यशाला में काफी संख्या में महिला व पुरुष कामगार शामिल थे। अंत मे धन्यवाद ज्ञापन नूरजहां खान वारसी ने दिया। इस मौके पर महिला इंटक की केंद्रीय उपाध्यक्ष नूरजहां वारसी, सचिव शिखा चौधरी, कोषाध्यक्ष रिंकू रॉय, सबाना खान, इशरत, अम्बा, मुशर्रत, उषा देवी, संजू महतो, मनीनी लाल, साहिन परवीन, सविता रानी, शबनम, सोनी कुमारी, पवन कुमार, अमित समेत कई मज़दूर नेता उपस्थित थे।

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