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Jadugoda ★पुलिस की आड़ में आदिवासियों की आवाज बंद करने के लिए सूर्या हांसदा की कराई गई हत्या- बाबूलाल सोरेन ★ Surya Hansda was murdered under the protection of police to silence the voice of tribals - Babulal Soren

 


  • सूर्या हांसदा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग, समर्थन में लगे नारे

Upgrade Jharkhand News. झारखंड के गोड्डा निवासी सूर्या हांसदा के एनकाउंटर को लेकर घाटशिला विस क्षेत्र के पूर्व भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन ने पुलिस प्रशासन की कारवाई को  अत्यंत घृणित कारवाई बताया। उन्होंने झारखंड सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इस मौके पर उनके  समर्थकों ने आदिवासी 'सूर्या हांसदा को न्याय दो', 'जब तक सूरज चांद रहेगा, सूर्या तेरा नाम रहेगा' आदि का नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग उठाई। इस बाबत घाटशिला से भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन ने जादूगोड़ा के यूसिल अस्पताल चौक पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर पुलिस एनकाउंटर को आदिवासियों की आवाज बन्द करने का कुत्सित प्रयास करने की संज्ञा दी। 



उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में उसकी गिरफ्तारी की मंजूरी नहीं ली गई। वह बीमार था, उसे घर से ले जाकर  जेल भेजना चाहिए था जबकि पुलिस प्रशासन ने उसकी हत्या कर आदिवासियों के लिए जल, जंगल  व जमीन के लिए आंदोलन कर रहे है एक आदिवासी नेता की आवाज को हमेशा के लिए बंद कर दिया।उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन ने भी जल, जंगल व जमीन की कड़ाई लड़ी थी। झारखंड अलग राज्य की लड़ाई लड़ी व राज्य के जननायक के रूप में उनकी पहचान बनी। सूर्या हांसदा भी उन्हीं की राह पर चल पड़ा था, जिसे समय से पहले ही उसकी लोकप्रियता से घबराकर पुलिस को आगे कर उसकी हत्या करवा दी गई।



उन्होंने सूर्या हांसदा के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग झारखंड सरकार से की ताकि उसे न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि उसके हक की लड़ाई अंतिम क्षण तक पार्टी लड़ेगी। उन्होंने जानकारी दी कि सूर्या हांसदा स्कूल चलाता था, जहां 300 बच्चे पढ़ाई करते थे और उन बच्चों के भोजन की व्यवस्था उसके ही जिम्मे था। उसकी हत्या से बच्चे  भी बेसहारा हो गए व एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रसिद्ध सूर्या हांसदा की आवाज हमेशा के लिए बंद कर दी गई।



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