Upgrade Jharkhand News. तबादले के बाद भी यूसिल के परचेज विभाग में कुण्डली मार कर बैठे हुए है यूसिल अधिकारी एसके बर्मन। यूसिल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ0 संतोष कुमार सतपति द्वारा जारी की गई तबादले की कारवाई का कई अधिकारियों ने सम्मान रखते हुए अपने पद पर योगदान कर लिया है जबकि कम्पनी के ही एक अधिकारी एसके बर्मन कंपनी के ही आदेश का मखौल खोल उड़ा रहे हैं और खुद को कानून से ऊपर समझ रहे है। इसको लेकर कंपनी के तकनीकी निदेशक पर उंगलियां उठ रही है। लोगों का आरोप है कि कंपनी के ही तकनीकी निदेशक का संरक्षण उन्हें प्राप्त है जिसकी वजह से कम्पनी में कानून का भय खत्म हो गया है। गौरतलब है कि यूसिल के परचेज अधिकारी सह एचओडी एसके बर्मन का तबादल विगत 24 जून को झारखंड से बाहर तुम्मा पल्ली यूरेनियम प्रोजेक्ट हो गया था।
उसके बाद भी बीते एक महीने से अधिक समय से वे अभी तक जादूगोड़ा में जमे हुए है, जिसकी सुधी लेने वाला कोई नहीं है। जबकि मज़दूरों के मामले में झूठा आरोप मढ़ कर तकनीकी निदेशक मनोज कुमार का तबादला कर दिया गया जिसका कई मजदूर सजा भुगत रहे हैं। बताया जाता है कि कंपनी अधिकारी एसके बर्मन को तकनीकी अधिकारी का समर्थन प्राप्त है और उन्हें वे रिलीज नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण यूसिल में कानून की धज्जियां उड़ रही है। बताया गया है कि कुल 18 अधिकारियों का तबादला हुआ था, जिसमें एक नाम परचेज अधिकारी एसके बर्मन का भी सूची में था।
एक ओर यूसिल प्रबंधन किसी साधारण कर्मचारी के तबादले में कम्पनी के तकनीकी निदेशक मनोज कुमार पर सख्ती से कारवाई किया जा रहा है, जबकि इस मामले में उनकी चुप्पी ने कई सवाल खड़ा कर रहै है। देखना यह है कि यूसिल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ0 संतोष सतपति अपनी ताकत का उपयोग कब करते है ताकि कानून का राज कायम हो सके या खामोश रहकर कानून की उड़ती धज्जियों का तमाशा देखते रहेंगे.

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