Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur आदिवासी समाज पेड़ पौधे को परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार करते हैं : आनंद मार्ग Tribal society accepts trees and plants as family members: Anand Marg

 


Jamshedpur (Nagendra) । विश्व आदिवासी दिवस के पूर्व संध्या पर आनंद मार्ग द्वारा आदिवासी समाज के लोगों के बीच दो दिवसीय पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आज प्रथम दिन लगभग 200  फ़लदार पौधे का वितरण निःशुल्क किया गया। गदरा एवं उसके आसपास के गांव गोगाडीह में आदिवासी समाज के लोगों के बीच प्राकृतिक संरक्षण के लिए आदिवासी दिवस के अवसर पर बीज बॉल बनाकर बीज बॉल बनाने की पद्धति बताई गई एवं उन लोगों के बीच बीज बोल भी दिया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्प भी दिलाया गया। आदिवासी समाज ही एक ऐसा समाज है जो कि पेड़ पौधे को परिवार का सदस्य के रूप में स्वीकार करते हैं और प्रकृति को वे भगवान मानते हैं सही प्राकृतिक प्रेमी आदिवासी ही है।


आनंद मार्ग के सुनील आनंद का कहना है कि जब तक हम पेड़ पौधों एवं जीव-जंतु को अपने परिवार का सदस्य के रूप में स्वीकार नहीं किया करेंगे तब तक प्रकृति का कल्याण संभव नहीं है इसलिए नव्य -मानवतावादी विचारधारा से समाज का कल्याण संभव है। नव्य मानवतावाद बताता है कि इस पृथ्वी पर मनुष्य ही नहीं अनेक प्रकार के पेड़-पौधे,जीव-जंतु इस पृथ्वी रूपी परिवार के सदस्य हैंl हम इस पृथ्वी के बुद्धिमान जीव होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि सभी को परिवार सदस्य के रूप में स्वीकार किया जाए। मनुष्य का परम आदर्श नव्य- मानवतावाद होना चाहिए,तभी पृथ्वी का कल्याण संभव है।  इस विचार को आदिवासी समाज स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं हम लोगों को इन लोगों के बीच सहयोग की आवश्यकता हैl आनंद मार्ग हमेशा पर्यावरण के उद्देश्य से आदिवासी समाज के बीच मिलकर काम कर रहा है। पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित रखने के लिए आनंद मार्ग की ओर से लगातार बांटे जाते हैं हर तरह के पौधे।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.