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Jamshedpur नागरिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा 500 स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण एवं भविष्य की कार्ययोजना को लेकर सिविल डिफेंस ने किया प्रेसकॉन्फ्रेंस Civil Defence held a press conference regarding the training of 500 volunteers and future action plan by the Directorate of Civil Defence.

 


Jamshedpur (Nagendra) बिष्टुपुर स्थित नागरिक सुरक्षा के कार्यालय में सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक सह अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्णव मिश्रा ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि जमशेदपुर में सिविल डिफेंस द्वारा 500 नागरिकों को ट्रेनिंग दिया जाएगा , जो आपदा प्रबंधन के लिए काम करेंगे। प्रशिक्षण पाकर वे लोग अग्नि सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक , बाढ़ विभीषिका तथा युद्ध या आपातकालीन स्थिति में लोगों की सहायता करेंगे। उन्होंने कहा है कि नागरिक सुरक्षा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पत्रांक II-28011/01/Part-I/2025-DGCD(CD)-PMU/261 के आलोक में झारखंड सरकार के दिशा-निर्देशानुसार नागरिक सुरक्षा के सुदृढ़ीकरण हेतु 500 स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण की योजना तैयार की गई है। भारत में सिविल डिफेंस की स्थापना 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य जनता को आपात स्थितियों में बचाव, राहत और जागरूकता प्रदान करना है। 

सिविल डिफेंस भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा संचालित है, स्थापना काल 1962 से ही जमशेदपुर (झारखंड) में सिविल डिफेंस संचालित है। वर्तमान में सिविल डिफेंस झारखंड में चिन्हित 2 जिलों पूर्वी सिंहभूम एवं बोकारो में संचालित है, साथ ही 3 अन्य जिलों - रांची, गोड्डा एवं साहेबगंज में इसे मान्यता दी है, जिसे जल्द ही सुचारू रूप से चालू की जाएगी। उप नियंत्रक अर्णव मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई 2025 को संपूर्ण भारत में सिविल डिफेंस के द्वारा हवाई हमला से बचाव पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था , जिसका मुख्य उद्देश्य था  आपातकाल में हवाई हमला होने पर नागरिकों की सुरक्षा कैसे की जाए। वहीं सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अरूण कुमार ने बताया कि सम्पूर्ण भारत में 540 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षक बनाया गया है , जिनके द्वारा संपूर्ण भारत के लगभग 270 जिलों में सक्षम नागरिकों को प्रशिक्षित कर उन्हें सिविल डिफेंस का स्वयं सेवक बनाया जाएगा। ये स्वयंसेवक किसी भी आपातकाल की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रथम उत्तरदाता के रुप मे अपनी योगदान देंगे। 


इसके सफल क्रियान्वयन के लिए नागरिक सुरक्षा निदेशालय, भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के मध्य एक एकरारनामा किया गया है , जिसके आलोक में झारखंड में चिन्हित 5 जिलों - पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, रांची, गोड्डा एवं साहेबगंज से कुल 2160 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को सुनिश्चित प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि किसी भी आपातकाल की स्थिति में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक नागरिकों और उनकी संपतियों की रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहें।


जैसा कि सबको ज्ञात है कि विश्व में और हमारे देश में समय-समय पर आपदाएं आते रहती है जो कि काफी भयावह होती है। जैसे - जैसे शहरों का विस्तारीकरण और विकास हो रहा है, आपदाएं भी साथ में आती है। पूर्वी सिंहभूम जिला में औद्योगिक क्षेत्र, खनन क्षेत्र, यूरेनियम क्षेत्र, बड़ी बड़ी इमारतें, दो नदियां, डिमना डैम इत्यादि होने के कारण खतरा हमेशा बनी रहती है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बड़ी बड़ी गैस होल्डर है जिसमें पाई जानेवाली गैस ज्वलनशील एवं विस्फोटक है, यहां बड़ी बड़ी पावर हाउसेस है जिसमें हाई वोल्टेज लाइन दौड़ती रहती है। पहाड़ी नदियां होने के चलते, पानी में डूबने की संभावनाएं काफी रहती है। दुर्गापूजा, मोहर्रम, रामनवमी जुलूस, छठ इत्यादि पर्व में भीड़ काफी होती है, जिसमें व्यवस्थित करने में काफी समस्याएं आती है। ऐसे में यदि कभी किसी प्रकार की आपदाएं या विपदाएं आती है तो पेशेवर कर्मियों की संख्या कम होने के कारण या समय से नहीं पहुंच पाने के कारण वहां की स्थिति और भयावह हो सकती है।


ऐसे समय में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक अपने प्रशिक्षण का लाभ उठाते हुए नागरिकों का उनकी संपतियों को सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करते है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा सिविल डिफेंस में नए स्वयंसेवक बनाने का निर्णय लिया गया है। यह एक स्वैच्छिक सेवा है, स्वयंसेवक की जरूरत सिर्फ आपातकाल और विपरीत परिस्थितियों में ही होती है। इससे कोई भी जुड़ सकते हैं, जिसमें समाज के प्रति सेवा भावना हो, और सरकार को जब भी जरूरत हो तो वह उपलब्ध रहे। इसमें सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दिया जाएगा।


आवेदन करने वालों के लिए भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित शर्तें रखी गई है :-

1. आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए तथा पूर्वी सिंहभूम जिला, झारखंड का निवासी होना चाहिए।

2. आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

3. आवेदक मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।

4. किसी भी तरह का आपराधिक मामला दर्ज नहीं होनी चाहिए।

5. आवेदक किसी भी आपातकालीन स्थिति में जिला प्रशासन या नागरिक सुरक्षा के आवाहन पे अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हो।


नए स्वयंसेवकों के लिए प्रशिक्षण जल्द ही शुरू किया जाएगा। पूर्वी सिंहभूम जिला में निवास करने वाले इच्छुक व्यक्ति अपना नाम सिविल डिफेंस कार्यालय, बिस्टुपुर, जमशेदपुर में दे सकते हैं। किसी प्रकार की जानकारी के लिए मोबाइल संख्या : 08092394344 एवं 0657-2912259 पर सूचना प्राप्त कर सकते हैं।



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