Guwa (Sandeep Gupta) सारंडा के घने जंगल एक बार फिर आंदोलन की आग से तपने वाले हैं। सारंडा जंगल क्षेत्र के 10 गांवों के ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि 23 फरवरी की सुबह 6 बजे से सेल, गुवा की रांजाबुरु खदान को अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान को बिना ग्राम सभा की अनुमति, बिना मानकी–मुंडाओं की सहमति और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिए बिना चालू कर दिया गया है। यह आंदोलन सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया–दुईया के बैनर तले होगा। 21 फरवरी को दुईया पंचायत भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम ने की, जबकि गंगदा पंचायत के मुखिया राजू शांडिल विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में मुंडा, पंचायत प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हमारी जमीन से खनिज निकले और हमारे बच्चे बेरोजगार रहें, यह नहीं चलेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदान का संचालन ठेका कंपनी मां सरला पावर वर्क द्वारा किया जा रहा है, जहां पूरी मैनपावर बाहर से लाई गई है। स्थानीय युवाओं को न स्थायी रोजगार मिला और न सम्मानजनक मजदूरी। ग्रामीणों का कहना है कि पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य है, लेकिन इसकी अनदेखी की गई। उन्होंने मांग की है कि खदान में कम से कम 75 प्रतिशत रोजगार प्रभावित गांवों के युवाओं को दिया जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।




































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