Guwa (Sandeep Gupta) टाटिबा गांव में सरना एसोसिएट के तत्वावधान में मागे पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना का भव्य उत्सव बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत दियूरी सर्जोम बारी द्वारा प्रकृति पूजा से हुई, जिसमें साल वृक्ष के नीचे पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि की कामना की गई। मागे पर्व को प्रकृति, सूर्य, जल, वन और पूर्वजों की आत्माओं को समर्पित किया जाता है। इसे कृषि चक्र के नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
पूजा के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें चावल, दाल और महुआ से बने पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। इसके पश्चात अध्यक्ष मोटाए हेंब्रम और सचिव दामोदर बारी के नेतृत्व में सामूहिक नृत्य का आयोजन हुआ। ढोल-मांदर की थाप पर सैकड़ों ग्रामीण थिरके, जिससे सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे देवेंद्र पिंगुआ ने नशाखोरी और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और वैज्ञानिक सोच अपनाकर ही समाज सशक्त बन सकता है।





































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