Jamshedpur (Nagendra) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय , यूनिवर्सल पीस पैलेस रीट्रीट सेन्टर जमशेदपुर में सोमवार को आठ दिवसीय प्रशिक्षण वा कार्यशाला का शुभारंभ किया गया । वहीं इस मौके पर कोल्हान क्षेत्र के मुख्य सेवाकेंद्र यूनिवर्सल पीस पैलेस रीट्रीट सेन्टर की वरिष्ठ राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने कहा कि ये आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत सेवाकेंद्र में रहने वाले समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनों और समर्पित भाईयों के लिए 02 एवं 03 फरवरी 2026 लिए रखा गया है। 04 से 05 फरवरी 2026 को सेन्टर से जुड़े सभी बीके भाई बहनों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र रखा गया है।06,07,08 फरवरी 2026 को विभिन्न राज्यों के लोग हिस्सा लेंगे।कोल्हान क्षेत्र के हल्दीपोखर, बलरामपुर , बहरागोड़ा, गालूडीह, चांडिल एवं टाटीसिलवे ,पतरातू , हजारीबाग,बरही आदि स्थानों के बीके भाई बहनें सम्मिलित हो रहे हैं।
आगे उन्होंने कहा कि साइंस ऑफ राजयोग मेडिटेशन विषय पर और अधिक गहराई से अनुभूति एवं ज्ञान की और अधिक पराकाष्ठा आनी चाहिए। दिन प्रतिदिन दुनिया में समस्याएं डर,भय,चिंताएं वा अनेकों दुःख बढ़ रहे हैं परंतु राजयोग मेडिटेशन सीखने से हम विभिन्न परिस्थितियों में शांत वा अडिग रह सकते हैं। मुम्बई से आये राजयोगी बीके राजीव गुप्ता, राजयोग प्रशिक्षक, शोधकर्ता वा गीता विद्वान ने प्रथम सत्र में संबोधित कर कहा कि मन का पहला नियम है कि हम जैसा सोचते हैं वैसा ही अनुभव करते हैं इसलिए हमें सदैव सकारात्मक चिंतन कर सकारात्मक जीवन शैली अपनाना चाहिए।
हमारे सोच से भावनाएं बनती, भावनाओं से वृति बनती है और वृति से संस्कार बनते हैं। अच्छा एवं बुरा संस्कार बनाना ये हमारा पसंद है।वर्तमान समय मनुष्यों में ज्यादा नकारात्मक भावनाएं उदासी, बैचैनी,ईर्ष्या, द्वेष,घृणा, नफरत, अपराधबोध , शर्म आदि गलत सोच बढ़ते ही जा रहे हैं। रोज 15 मिनट राजयोग मेडिटेशन अभ्यास से सहज ही हम जीत सकते हैं। कार्यक्रम में विभिन्न सेवाकेंद्रों के 45 समर्पित ब्रह्माकुमारी बहनें एवं ब्रह्माकुमार भाई हिस्सा ले रहे हैं।





































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