Jamshedpur (Nagendra) गोलमुरी मनिंदर टावर में चल रहे भागवत कथा के चतुर्थ दिन रविवार को आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास़्त्री जी महाराज ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, श्री राम अवतार, श्री कृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग विस्तार से सुनाया। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। श्रीकृष्ण जन्म उत्सव पर नन्द के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जमकर झूमे। इस दौरान ऐसा दिव्य महौल बना गया मानो साक्षात भगवान स्वयं ही पृथ्वी पर उतर आये हो। वृन्दावन धाम से आये आचार्य ने व्यासपीठ से कहा कि ईश्वर के चौबीस अवतारों में से प्रमुख भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र से मर्यादा और श्रीकृष्ण चरित्र से ज्ञान, योग व भक्ति की प्रेरणा लेकर जीवन को धन्य करना चाहिए।
उन्होंने श्रीराम कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान् विष्णु के 24 अवतारों में 17 वें अवतार भगवान राम हैं। महर्षि श्री वाल्मीकि जी द्वारा रचित रामायण एवं गोस्वामी श्री तुलसीदास जी द्वारा संकलित श्रीरामचरितमानस जैसे दिव्य ग्रन्थ, भगवान् श्रीराम के जीवन का दर्पण है। उन्होंने कहा की जब जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता हैं, धर्म की हानि होती हैं। तब तब भगवान अपने भक्तों का कष्ट हारने पृथ्वी पर अवतरित होते हैं, दुष्टों का संहार करते हैं। शास्त्री ने बताया कि जिस घर में गीता का पाठ हर रोज पढ़ा या फिर सुना जाता हैं। उस घर में भगवान श्रीकृष्ण आते रहते हैं। भागवत महापुराण में 18000 श्लोक एवं 12 स्कन्ध हैं। भागवत के हर श्लोक में राधा, कृष्ण का दिव्य रूप समाया हुआ हैं। श्रीमद भागवत सिर्फ एक धर्म के लिए नहीं है। जो मनृष्य भागवत का चिंतन कर लेता हैं उसके लिए हमेशा का डर एवं भय समाप्त हो जाता हैं।
भागवत हर मनृष्य का सुनना एवं पढ़ना चाहिए। पाचवें दिन सोमवार को कथा वाचक द्धारा बाल लीला, माखन चोरी, वेणु गीत, गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया जायेगा। इसका आयोजन गोलमुरी के चम्पा-रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) द्धारा किया जा रहा हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से पार्वती देवी, रतन अग्रवाल, चम्पा अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, माधव अग्रवाल सहित काफी संख्या में भक्तगण भगवान की कीर्तन श्रवण कर आनन्द प्राप्त किया।




































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