Jamshedpur (Nagendra) विश्व कैंसर दिवस का उद्देश्य कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उसकी रोकथाम और समय पर पहचान को बढ़ावा देना तथा कैंसर के वैश्विक बोझ को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। जमशेदपुर स्थित मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (एमटीएमएच), टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) के साथ साझेदारी में, निरंतर समुदाय केंद्रित पहलों के माध्यम से निवारक ऑन्कोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ये पहलें न केवल जमशेदपुर में, बल्कि आसपास के ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में भी संचालित की जा रही हैं, जहां जागरूकता और रोकथाम की सबसे अधिक आवश्यकता है। ये प्रयास एमटीएमएच के व्यापक जन स्वास्थ्य दृष्टिकोण का हिस्सा हैं, जिनका मुख्य फोकस कैंसर की प्रारंभिक पहचान, जागरूकता बढ़ाने तथा स्क्रीनिंग और रोकथाम सेवाओं तक समान और सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने पर है। कैंसर के खिलाफ सबसे प्रभावी उपायों में प्रारंभिक पहचान और रोकथाम शामिल हैं। स्क्रीनिंग और जागरूकता समय पर निदान, बेहतर उपचार परिणाम और पीड़ा में कमी सुनिश्चित करती हैं।
देशभर में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि को देखते हुए, उपचार केंद्रित देखभाल से आगे बढ़कर रोकथाम और प्रारंभिक निदान पर आधारित दृष्टिकोण अपनाना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में, विशेषकर स्क्रीनिंग सुविधाओं तक सीमित पहुंच और कम जागरूकता के कारण, अक्सर कैंसर का पता देर के चरणों में चलता है। इन कमियों को दूर करने के लिए, एमटीएमएच एक मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट का संचालन करता है, जो वंचित समुदायों में मौखिक, सर्वाइकल और स्तन कैंसर की घर-घर जाकर जांच सुविधा प्रदान करती है। यह पहल टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ करीबी समन्वय में लागू की जा रही है, जो झारखंड और ओडिशा में सामुदायिक सहभागिता और जन-जागरूकता को मजबूती प्रदान करते हुए दूरस्थ और संवेदनशील आबादी तक पहुंच सुनिश्चित करती है। पूरी तरह सुसज्जित यह मोबाइल यूनिट ओरल कैंसर के लिए विजुअल जांच और ओरल स्कैन, सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मियर तथा स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी के माध्यम से स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करती है। एमटीएमएच यूनिट के क्लिनिकल संचालन का प्रबंधन करता है, जिसमें स्टाफिंग, तकनीकी निगरानी और फॉलो-अप देखभाल शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और झिझक कम करने के उद्देश्य से इस यूनिट में महिला स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है।
जिन व्यक्तियों में प्रारंभिक स्तर पर संदिग्ध बदलाव पाए जाते हैं, उन्हें पुष्टि हेतु जांच और उपचार के लिए तुरंत एमटीएमएच भेजा जाता है, जिससे समय पर चिकित्सकीय पहल संभव हो सके। बीते सप्ताहों के दौरान पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ ओडिशा के कलिंगानगर और मेरामंडली में भी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए, जिनसे सैकड़ों लाभार्थियों को कवर किया गया। यह कार्यक्रम अगले दो वर्षों तक मासिक आधार पर जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र में निरंतर कैंसर निगरानी को मजबूती मिलेगी। यह पहल रोटरी क्लब ऑफ जमशेदपुर वेस्ट और आरएसबी फाउंडेशन जैसे सहयोगी प्रयासों से समर्थित है, जिन्होंने आवश्यक बुनियादी अवसंरचना और सामुदायिक पहुंच को सशक्त बनाने में योगदान दिया है। उनकी भूमिका सहयोगात्मक और सहायक बनी हुई है, जबकि कार्यक्रम के क्रियान्वयन और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में एमटीएमएच और टाटा स्टील फाउंडेशन अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। समानांतर रूप से, एमटीएमएच सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एचपीवी जागरूकता एवं टीकाकरण अभियान भी चला रहा है। सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है। प्रभावी टीका उपलब्ध होने के बावजूद, सीमित जागरूकता और भ्रांतियों के कारण टीकाकरण की दर अभी भी कम बनी हुई है।
प्रारंभिक हस्तक्षेप की आवश्यकता को समझते हुए, एमटीएमएच ने किशोरों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों को लक्षित करते हुए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। अभियान की शुरुआत के बाद से जमशेदपुर के कई स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनके साथ स्थल पर ही टीकाकरण अभियान भी चलाए गए। अब तक एक हजार से अधिक एचपीवी वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी हैं, जिससे किशोरियों में सर्वाइकल कैंसर की दीर्घकालिक रोकथाम को मजबूती मिली है। इन निरंतर पहलों के माध्यम से, एमटीएमएच और टाटा स्टील फाउंडेशन जन स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने तथा यह सुनिश्चित करने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराते हैं कि कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक देखभाल सेवाएं उन लोगों तक पहुंचें, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।




































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