Jamshedpur (Nagendra) नगर निकाय चुनाव में इस बार शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की उदासीनता साफ दिखाई दी, जबकि ग्रामीण इलाकों ने लोकतंत्र के प्रति अपनी सजगता का परिचय देते हुए बेहतर मतदान प्रतिशत दर्ज कराया। शहर के कई बूथों पर सुबह से दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा और मतदाता घरों में ही सीमित रहे। इसके उलट चाकुलिया जैसे ग्रामीण क्षेत्र में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं।
चाकुलिया प्रखंड में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। कई बूथों पर दोपहर तक 60 प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका था। ग्रामीण मतदाताओं ने कहा कि स्थानीय विकास, सड़क, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। पहली बार वोट देने पहुंचे युवाओं में भी खासा उत्साह देखा गया। वहीं जमशेदपुर के शहरी इलाकों में अपेक्षाकृत कम मतदान ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। कई वार्डों में दोपहर बाद तक मतदान प्रतिशत अपेक्षा से काफी कम रहा। चुनाव आयोग की ओर से मतदाताओं को जागरूक करने के लिए लगातार घोषणाएं की गईं, लेकिन उसका अपेक्षित असर नहीं दिखा।
इधर जुगसलाई क्षेत्र में मतदान के दौरान दिनभर तनाव की स्थिति बनी रही। कुछ बूथों पर समर्थकों के बीच नोकझोंक और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं सामने आईं। प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। हालांकि देर शाम तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी होने की बात अधिकारियों ने कही। कुल मिलाकर, जहां शहर के मतदाताओं की उदासीनता चर्चा का विषय बनी रही, वहीं गांवों ने उत्साहपूर्वक मतदान कर लोकतंत्र की मजबूती का संदेश दिया। चुनाव परिणाम चाहे जो हों, लेकिन इस मतदान प्रतिशत ने एक बार फिर शहरी और ग्रामीण राजनीतिक चेतना के अंतर को उजागर कर दिया है।




































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