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Jamshedpur साकची धालभुम क्लब में धूमधाम से मना जीण माता का भव्य 20वां वार्षिक महोत्सव The grand 20th annual festival of Jeen Mata was celebrated with great pomp at Sakchi Dhalbhum Club.

 


  • गोरया की महारनी हैं जिसे मैं प्यार करता हुॅ.... जैसे भजनों पर झूमे श्रद्धालुगण 
  • महा मंगल पाठ में शामिल हुई 1501 महिलाए, 

Jamshedpur (Nagendra) शहर की धार्मिक संस्था श्री जीण माता परिवार जमशेदपुर द्धारा साकची धालभुम क्लब मैदान (श्री अग्रयेन भवन के सामने) में मंगलवार 17 मार्च को जीण माता का भव्य 20वां वार्षिक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। दोपहर में ज्योत प्रज्जवलन एवं पूजा में यजमान कुंमुद-रमेश अग्रवाल और श्यामलता-अनील अग्रवाल शामिल हुए। पुजारी अमित शर्मा ने पूजा करायी। ओम आनंदमयी, चेतन्यमयी, सत्यमयी परमे मंत्र का उच्चारण करके माता को बुलाया गया, जो एक दिव्य मंत्र है जो आनंद, चेतना और सत्य से भरा है। इस धार्मिक अनुष्ठान का मंच संचालक करते हुए स्थानीय भज गायक महावीर अग्रवाल मुन्ना ने श्री गणेश वंदना गाजानंद आज पधारो म्हारे ऑगणे से महा मंगल पाठ और भजनों का कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान श्री हनुमान जी, श्याम बाबा, पीतर देव जी महाराज के भी भजन प्रस्तुत किये गये। 


दोपहर 3 बजे में मां भवानी जीण शक्ति का महा मंगल पाठ और संध्या 8 बजे से भजनों की अमृत वर्षा हुई। रात 10 बजे महाआरती के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ। महा मंगल पाठ में 1501 महिलाएं चुदड़ी ओढ़े हुए राजस्थानी परिधान में शामिल थी। महा मंगल पाठ का वाचन आमंत्रित कलाकार सूरत से आयी सुरभि बिरजूका ने किया। उन्होंने महा मंगल पाठ के दौरान भजनों की रस में भक्तों को डुबोये रखा। जन्मोत्सव, चुनड़ी, गजरा, मेंहदी एवं बधाई उत्सव के दौरान हरी हरी मेंहंदी रचे..., जीण भवानी नैया लगा दे किनारे...,  रूक जा प्यारी बहना..., ओढ़ों-ओढ़ो म्हरी माता रानी आज भक्त लाया थारी चुदड़ी..., बांटो रे बांटो बधाई भंवरा वाली मईया आयी सिंह चढ़ के... जैसे भजन पर महिलाएं नाचने लगी। 


साथ ही शाम के भजनों में आमंत्रित कलाकार जयपुर के रविश सोनी, सोनम सोनी और मास्टर गुरू सोनी ने भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। उन्होने जीण मैया, जीण मैया आना कभी भक्मों के घर..., जा के सर पे हाथ अपनी कुल देवी का होवे...., गोरया की महारनी हैं जिसे मैं प्यार करता हुॅ...., मावड़ी कुमकुम रा पगल्या मांडो म्हारे आंगणियां रे माय..., जीण भवानी मैया थारी याद सतावे..., सजा है प्यार दरबार मईया का....,  मेरा काम हुआ मईया के दरबार में....., मैं म्हारी मां का लाडला....... आदि श्री जीण माता के भजनो पर भक्त झूमते रहे।


ये रहा आकर्षण का केन्द्रः- इस महोत्सव में महा मंगल पाठ, माता का भव्य श्रृंगार, अखंड ज्योत, माता जी का जन्मोत्सव, चुदड़ी एवं मेंहदी उत्सव, भजनों पर नृत्य एवं छप्पन भोग प्रसाद आकर्षण का केन्द्र बना रहा। इनका रहा योगदानः- इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख रूप से तुलसी खेमका, शंभू खन्ना, बजरंग अग्रवाल, विनोद खन्ना, राजकुमार रिंगसिया, ललित अग्रवाल, शंकर लाल अग्रवाल, जगदीश खेमका, बजरंग चौधरी, गोपाल अग्रवाल, मनीष खन्ना, आशीष खन्ना समेत जीण माता परिवार के सभी सदस्यों का योगदान रहा। यह महोत्सव कार्यक्रम मनीष और आशीष के संयोजक में आयोजित हुआ। 


इनकी रही उपस्थितिः- इस अवसर पर बतौर अतिथि समाजसेवी रामकृष्ण चौधरी, ओम प्रकाश रिंगसिया, उमेश शाह, अरूण बांकरेवाल, राजेश मेंगोतिया, राधेश्याम खेतान, निर्मल मेंगोतिया, संतोष खेतान, श्याम खण्डेलवाल, आदि उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने माता के दरबार में हाजरी लगायी और देश के विकास की प्रार्थना की। संस्था की तरफ से सभी अतिथियों को अंग वस्त्र दुपटटा देकर सम्मानित किया गया।


भक्तों ने ग्रहण किया जीण रसोईः- मां जीण की रसोई (भंडारा) लगभग 3000 से अधिक भक्तों ने ग्रहण किया। साज पर कोलकात्ता के प्रताप शर्मा की म्यूजिकल गु्रप के कलाकारों का सहयोग रहा। श्रद्धा भाव से भक्तों द्धारा कोलकात्ता के कारीगरों के सहयोग से जीण माता का भव्य दरबार सजाया गया था। गर्मी को देखते हुए वातानुकूलित (एसी पंडाल) बनाया गया था। इस महोत्सव में झारखंड के विभिन्न जिला सहित रानीगंज, पुरूलिया, आसनसोल, खड़गपुर और कोलकात्ता से भी भक्तगण आयेे हुए थे।



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