Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Jamshedpur कथाचावक ने जीवन में बदलाव, शिव भक्ति और चरित्र सुधार का दिया संदेश The narrator gave the message of change in life, devotion to Shiva and character improvement.

 


  • बिष्टुपुर में शिव महापुराण कथा के समापन पर पंचाक्षर मंत्र का वर्णन

Jamshedpur (Nagendra) बिष्टुपुर सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा के सातवें एवं अंतिम दिन सोमवार को पंचाक्षर मंत्र महिमा का वर्णन और हवन पूर्णाहूति के साथ कथा का समापन (विश्राम) हुआ। कथावाचक सूदर्शनाचार्य महाराज ने अंतिम दिन के उपदेश में जीवन में बदलाव, शिव भक्ति और चरित्र सुधार पर जोर देते हुए पंचाक्षर मंत्र (ऊँ ­नमः शिवाय) की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि यह पांच पवित्र अक्षरों वाला मंत्र (न- पृथ्वी, म- जल, शि- अग्नि, वा- वायु, य- आकाश) पाँचों तत्वों को नियंत्रित करता है और शिव कृपा से मोक्ष व सुख-समृद्धि प्रदान करता है। यह मंत्र सबसे प्राचीन और कल्याणकारी माना गया है। ऊँ ­नमः शिवाय मंत्र को सबसे प्रभावशाली बताया गया है, जो आरोग्य, सुख और शिव कृपा प्रदान करता है। शिव महात्म्य का व्याख्यान करते हुए महाराज ने आगे कहा कि शिव पुराण श्रवण से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह सात दिवसीय कार्यक्रम श्रोताओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने और आध्यात्मिक रूप से जागृत करने का एक दिव्य अवसर होता है।


महाराज ने सातों दिनों की कथा को संक्षेप में बताया कि शिव पुराण में भगवान शिव के विभिन्न रूपों और अवतारों का वर्णन है। इसमें ज्योतिर्लिंगों की महिमा और भक्तों की कथाओं का समावेश है। पुराण में शिव के कल्याणकारी स्वरूप और उपासना के विधान का विशेष उल्लेख है। शिव को पंचदेवों में प्रधान और परमेश्वर के रूप में स्थान प्राप्त है। पुराण में उनके जीवन चरित्र, विवाह और पुत्रों की उत्पत्ति का विवरण मिलता है। भगवान शिव को महादेव, नीलकंठ और शंकर जैसे नामों से जाना जाता है। वे संहारक, पालक और सृजनकर्ता के रूप में पूजे जाते हैं। सोमवार को कथा सुबह आठ बजे और हवन पूर्णाहूति दोपहर 12.30 बजे से हुई। मुख्य यजमान पुष्पा देवी-रामा कांत साह और अंचल-मनीष कश्यप ने पूजा करायी। 


रोजाना की तरह आज भी काफी संख्या में भक्तगण शामिल होकर कथा का श्रवण किया। सात दिवसीय क्था को सफल बनाने में रामा कांत साह, मनीष कश्यप, महेश कश्यप, पवन प्रसाद, विमल अग्रवाल, गौतम सरायवाला, राहुल अग्रवाल, संकटा सिंह, राम पसाद शर्मा, मनीष शर्मा, रवि पटेल, अमित शर्मा, संदीप बरवालिया, अजीत प्रसाद, राजेन्द्र सोनकर, गौरव अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल सहित मित्र कांवड संघ टाटानगर संस्था से जुड़े सभी सदस्यों का योगदान रहा।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.