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Jamshedpur भोजपुरी साहित्य परिषद् के 60वें प्रकाशन कैलाशनाथ शर्मा 'गाजीपुरी' कृत भोजपुरी गीत संग्रह 'चलS चलीं गँउवां के ओर' लोकार्पित The 60th publication of Bhojpuri Sahitya Parishad, a collection of Bhojpuri songs 'Chal Chali Gaonwa Ke Or' by Kailashnath Sharma 'Ghazipuri' was released.

 


Jamshedpur (Nagendra) नगर की अग्रणी साहित्यिक संस्था 'जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद्' के 60वीं कड़ी के रुप में प्रकाशित एवं 'सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/ तुलसी भवन' के विशेष सहयोग से शहर के ख्यातिलब्ध कवि कैलाशनाथ शर्मा गाजीपुरी रचित भोजपुरी गीत संग्रह "चलS चलीं गँउवां के ओर" का लोकार्पण समारोह तुलसी भवन के मानस सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आकाशवाणी जमशेदपुर के कार्यक्रम प्रमुख राजेश राय  एवं विशिष्ट अतिथि तुलसी भवन के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र मुनका,आमोद दुबे एवं अरुण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष डाॅo प्रसेनजित तिवारी  तथा संचालन परिषद की संयुक्त सचिव डाॅo वीणा पाण्डेय भारती ने की, जबकि स्वागत भाषण संस्था के प्रधान सचिव डाॅ० अजय कुमार ओझा एवं धन्यवाद ज्ञापन परिषद् के श्रीमती रीना सिन्हा सलोनी  ने दी।



कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्जवलन एवं माँ सरस्वती के तस्वीर पर पुष्पार्पण के बाद श्रीमती सुस्मिता मिश्रा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से की गई। ततश्चात अतिथियों द्वारा पुस्तक लोकार्पित किये जाने के उपरान्त हरिहर राय चौहान ने पुस्तक पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि कैलाश नाथ शर्मा 'गाजीपुरी' का यह  गीत संग्रह 'चल चलीं गँउवां के ओर' सिर्फ गाँव के प्रेम तक हीं सीमित नहीं है। यह राष्ट्र प्रेम, भाषा प्रेम, नारी-विमर्श बेरोजगारी महामारी के साथ वीर कुंवर सिंह, वीर बिरसा मुंडा, अटल जी, टाटा जी कैप्टन अब्दुल हमीद जैसे महापुरुषों तथा भोजपुरी के महान साहित्यकार डाॅ0 रसिक बिहारी ओझा 'निर्भीक' जी पर वर्णात्मक गीतों की लम्बी श्रृंखला है। 


यह गीत संग्रह 'चलऽ चलीं गँउवा के ओर' अपने रसात्मकता, लयात्मकता, भावाभिव्यक्ति के गहराई और विचारों के आवेग के कारण प्रसिद्धि प्राप्त करेगा। कवि श्री कैलाशनाथ शर्मा गाजीपुरी का साहित्यिक जीवन परिचय डाॅo उदय प्रताप हयात ने बड़े ही सुन्दर अंदाज में प्रस्तुत की, जबकि  डाॅo यमुना तिवारी 'व्यथित' ने इसे अपनी काव्य शैली मेंं प्रस्तुत किया। मौके पर मुख्य अतिथि श्री राजेश राय ने अपने संबोधन में  श्री गाजीपुरी एवं उनकी रचनाओं का भूरि-भूरि प्रशंसा की, जबकि विशिष्ट अतिथित्रय  सर्वश्री सुभाष चंद्र मुनका, आमोद दुबे एवं अरुण सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। 


इस अवसर पर मुख्य रुप से डाॅ० उदय प्रताप हयात, नीलाम्बर चौधरी,वसंत जमशेदपुरी, सुरेश चन्द्र झा , प्रतिभा प्रसाद कुमकुम, हरभजन सिंह रहबर, बलविन्दर सिंह, अजय प्रजापति,शिव नन्दन सिंह, राजदेव सिन्हा, शकुन्तला शर्मा, नीता सागर चौधरी, शिव नन्दन सिंह, वरुण प्रभात, ममता कर्ण,अनिरुद्ध त्रिपाठी अशेष, सुस्मिता मिश्रा, जोबा माझी, शीला देवी, अशोक शुभदर्शी,ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र,अशोक पाठक स्नेही, डाॅo दिलीप ओझा, डाॅo संजय पाठक स्नेही, राजेन्द्र गोस्वामी, कवलेश्वर पांडेय, बाल चन्द्र प्रसाद ,जितेश तिवारी, सुजय कुमार सहित शताधिक साहित्यकार वृंद एवं भोजपुरी  प्रेमी जन उपस्थित रहे।



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