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Jamshedpur जमशेदपुर सिटीजन फोरम ने आदित्यपुर में महापौर, उप महापौर को सम्मानित किया , ज्ञापन भी दिया Jamshedpur Citizen Forum honoured the Mayor and Deputy Mayor in Adityapur and also submitted a memorandum.

 


Jamshedpur (Nagendra) जमशेदपुर सिटीजन फोरम द्वारा आदित्यपुर स्थित मधुबन होटल के सभागार में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया . सम्मान समारोह में आदित्यपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर संजय सरदार, उप महापौर अंकुर सिंह एवं सभी  वार्ड पार्षदों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता फोरम के अध्यक्ष ए के श्रीवास्तव ने तथा संचालन बबलू श्रीवास्तव ने किया. इस अवसर पर पूर्व उप महापौर अमित सिंह, रिटायर डीएसपी अरविन्द कुमार, सुधीर चैधरी, अंजू कुमारी, बिजेश सिंह, धनंजय गुप्ता, नीतू शर्मा, अवधेश सिंह, बबुआ सिंह , कमलेश कुमार, रुद्र घोष आदि उपस्थित थे.


 निगम क्षेत्र के विकास के लिए फोरम ने  महापौर को ज्ञापन दिया - आदित्यपुर नगरपालिका क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, जलापूर्ति, बिजली, सड़क, नाली एवं सीवरेज व्यवस्था की ओर जमशेदपुर सिटीजन फोरम ने विशेष रूप से ज्ञापन के माध्यम से ध्यान आकर्षित कराया है ,जो उल्लेखनीय है :


1. शिक्षा : वर्तमान समय में पूरे आदित्यपुर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सरकारी विद्यालय, इंटरमीडिएट कॉलेज अथवा स्नातक स्तर के शिक्षण संस्थान का अभाव है। छोटे छोटे बच्चों को भी खरकाई नदी पुल पार कर बिष्टुपुर एवं साकची जाकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। अतः वर्तमान सरकारी विद्यालयों में शिक्षण की गुणवता में सुधार किया जाए तथा प्रमुख सरकारी शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

2. स्वास्थ्य एवं सफाई : आदित्यपुर क्षेत्र में अभी तक एक भी पूर्ण विकसित एवं उच्चस्तरीय अस्पताल उपलब्ध नहीं है। निजी क्षेत्र में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रारंभ हुआ है, किंतु वह अभी प्रारंभिक अवस्था में है। श्रमिकों हेतु ESIC अस्पताल उपलब्ध है, परंतु उसमें भी सुविधाओं में गुणात्मक वृद्धि आवश्यक है। सफाई व्यवस्था मुख्य सड़कों तक सीमित है, जबकि सड़कों से लगे क्षेत्रों में अब भी कचरा जमा रहता है। इसमें गुणात्मक सुधार आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़ने हेतु प्रोत्साहन नीति अपनाई जानी चाहिए। इंदौर शहर की तर्ज पर घर-घर से गीला एवं सूखा कचरा पृथक संग्रह कर सीधे रीसाइ‌क्लिंग इकाइयों तक भेजने की व्यवस्था लागू की जाए। इस हेतु नगर निगम की एक टीम इंदौर जाकर वहाँ की प्रणाली का अध्ययन करे तथा उसे आदित्यपुर में लागू करने का प्रयास करे।

3. नाली एवं सीवरेज व्यवस्था : आदित्यपुर क्षेत्र में जलापूर्ति एवं सीवरेज योजना के लिए पूर्व में देश की प्रतिष्ठित कंपनी को कार्यादेश दिया गया था, किंतु कार्य की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है। आवश्यक है कि संबंधित एजेंसी के साथ बैठक कर एक निश्चित समयसीमा निर्धारित की जाए, ताकि दोनों योजनाएँ शीघ्र लागू हो सकें। आदित्यपुर में अधिकांश सड़कों के किनारे नालियों का अभाव है तथा जहाँ नालियाँ उपलब्ध हैं, उनकी स्थिति अत्यंत जर्जर है। इसे प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाना आवश्यक है।

4. बिजली व्यवस्था : आदित्यपुर नगर क्षेत्र में राज्य सरकार एवं जुस्को टाटा स्टील दोनों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था है। टाटा स्टील की बिजली गुणवत्ता की दृष्टि से बेहतर है, किंतु पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण नए आवेदकों को बिजली कनेक्शन प्राप्त करने में समय लगता है। बिजली उपकरणों के नियमित रख रखाव तथा विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत (Underground) किए जाने से बिजली आपूर्ति में गुणात्मक सुधार होगा तथा सड़कों के किनारे अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध होगा।

5. जयप्रकाश उ‌द्यान एवं शहरी विकास : जयप्रकाश उ‌द्यान की वर्तमान स्थिति अत्यंत दयनीय है। इसके समुचित विकास एवं सौंदर्याकरण की आवश्यकता है। खरकाई पुल से खरकाई के किनारे आदित्यपुर टोल ब्रिज तक चौड़ी एवं व्यवस्थित सड़क का निर्माण किया जाए, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण में प्रातः भ्रमण की सुविधा मिल सके और यह क्षेत्र एक उत्कृष्ट सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हो सके।

6. फ्लाईओवर निर्माण : वर्तमान यातायात दबाव को देखते हुए खरकाई पुल से कांड्रा तक फ्लाईओवर का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। इस सबंध में झारखंड सरकार एवं भारत सरकार से समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल की जाए, ताकि यातायात सुगम हो तथा आदित्यपुर गम्हरिया बाजार क्षेत्र में आवागमन एवं व्यापार को सुविधा मिल सके।


 नगर विकास विभाग के मुख्य नगर निदेशक या उनके प्रतिनिधि के अतिरिक्त आदित्यपुर के उद्यमियों एवं व्यवसायियों की संस्थाओं, भारतीय बिल्डर संघ, आवास बोर्ड तथा विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके अनुभवों का लाभ लिया जाए। साथ ही पानी, बिजली, सड़क आदि से संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वित बैठक कर नीतिगत रूप से एक प्रारूप तैयार किया जाए तथा तकनीकी विशेषज्ञों की सहमति और सहभागिता से क्षेत्र का भूमि उपयोग मास्टर प्लान (समग्र विकास योजना) तैयार किया जाए। ध्यान रहे कि आदित्यपुर औ‌द्योगिक क्षेत्र का मास्टर प्लान पहले से सरकार द्वारा स्वीकृत है, इसलिए उसके विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करना आवश्यक है। आप लोग अपनी बैठकों में निर्णय लेते हैं और निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत उन्हें क्रियान्वित करने का प्रयास करते हैं। मेरी राय होगी कि आदित्यपुर की विभिन्न संस्थाओं के साथ कम से कम प्रत्येक तीन महीने में एक बार, अधिकतम एक घंटे की बैठक अवश्य की जाए। अनावश्यक चर्चा से दूर रहते हुए बैठकों में लिए गए निर्णयों को उचित स्थान दिया जाए, जिससे क्षेत्र के विकास की गति तेज हो सके। फोरम द्वारा ज्ञापन के माध्यम से दिए गए हर सुझाव को प्राथमिकता के आधार पर कार्यान्वित करने का निर्णय लिया गया।


महापौर ने किया दिन्दली-आदित्यपुर बस्ती का विजिट- आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार ने दिन्दली बस्ती तथा आदित्यपुर बस्ती का विजिट किया तथा बस्तीवासियों से बातचीत कर स्थानीय ज्वलंत समस्याओं की जानकारी प्राप्त की. आदित्यपुर बस्ती के विजिट के दौरान महापौर ने आदित्यपुर बस्ती में निर्माणाधीन पानी टंकी का भी निरीक्षण किया. इस दौरान स्थानीय पार्षद नजयाना सबा भी उपस्थित थीं.


 महापौर-उप महापौर ने मेसर्स जिंदल के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक- आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की महत्वपूर्ण आदित्यपुर वृहद जलापूर्ति योजना विगत 5 वर्षों से अधर में लटकी - हुई है. परंतु अब नगर निगम प्रशासन के द्वारा वर्षों से अधर में लटकी इस पाइपलाइन जलापूर्ति योजना को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है. इस क्रम में नगर निगम के महापौर संजय सरदार तथा उप महापौर अंकुर सिंह के द्वारा शनिवार को महापौर के कार्यालय कक्ष में मेसर्स जिंदल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संबंधित योजना तथा योजना की प्रगति के संबंध में अद्यतन जानकारी प्राप्त की. बैठक में महापौर और उप महापौर ने कछुआ गति से चल रही इस योजना की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताया. और बैठक में उपस्थित मेसर्स जिंदल के प्रोजेक्ट मैनेजर पियूष सिंह और सिटी मैनेजर अजय कुमार को फटकार भी लगाई गई.


वर्ष-2018 में शुरु हुई योजना वर्ष-2021 में पूर्ण होनी थी-महापौर संजय सरदार ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुई आदित्यूर क्षेत्र की इस महत्वकांक्षी योजना को वर्ष 2021 तक पूर्ण किया जाना था. परन्तु 5 साल बीत जाने के बाद भी इस योजना का काम अधूरा है. इस समस्या के समाधान के लिए जल्द हीं डीएफओ (डीएफओ) के साथ बैठक कर सकारात्मक रास्ता निकाला जाएगा.


विद्युत आपूर्ति की समस्या का होगा स्थाई समाधान - उप महापौर अंकुर सिंह ने कहा कि सीतारामपुर डैम फिल्टर प्लांट में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जेबीवीएनएल के साथ मिलकर अंडरग्राउंड केबल बिछाने की योजना तैयार की जाएगी. वर्तमान में खराब मौसम और आंधी बारिश के कारण बिजली गुल होने की वजह से मोटर बंद हो जाता है, जिसकी वजह से जलापूर्ति ठप हो जाती है.


30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से शीघ्र पानी मिलने की उम्मीद - मेसर्स जिंदल के प्रोजेक्ट मैनेजर पियूष सिंह ने आश्वस्त किया कि सीतारामपुर डैम के पास नवनिर्मित 30 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से शीघ्र जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी. एजेंसी ने दिसंबर-2026 तक सभी बाधाओं को दूर कर आदित्यपुर-1 क्षेत्र में पाइप लाइन के जरिए पूर्ण जलापूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है तथा इस हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है.



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