Jamshedpur (Nagendra) शहर में बढ़ती गर्मी और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए बर्मामाइंस स्थित बीपीएम (+2) हाई स्कूल में सिविल डिफेंस जमशेदपुर द्वारा एक वृहद फायर सेफ्टी मॉकड्रिल संपन्न हुई। सिविल डिफेंस (पूर्वी सिंहभूम) और विद्यालय प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना था।
पूर्वाह्न 10:00 बजे प्रधानाध्यापिका रंजिता गांधी द्वारा आपातकालीन सायरन बजाए जाने के साथ ही मॉकड्रिल शुरू हुआ। सायरन सुनते ही सभी विद्यार्थियों को अनुशासित तरीके से कक्षाओं से निकालकर सुरक्षित ‘असेंबली पॉइंट’ पर लाया गया। गणना के दौरान चार छात्रों के भवन में फंसे होने की सूचना मिलते ही मास्टर ट्रेनर जितेंद्र तिवारी ने अग्निशमन विभाग को सूचित किया। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों और दमकल कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान किया। छोटे स्तर की आग को वालंटियर्स ने अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) की मदद से बुझाया, जबकि विद्यालय परिसर में लगी बड़ी आग पर दमकल की टीम ने काबू पाया।
अग्निशमन विभाग के प्रवीण और उनकी टीम ने छात्रों को ‘फायर एक्सटिंग्यूशर’ चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया और जान-माल की रक्षा के तरीके भी बताए। सिविल डिफेंस, पूर्वी सिंहभूम के चीफ वार्डन अरुण कुमार, जिनके नेतृत्व में यह पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ, ने बताया कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जिले के अन्य स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और बाजारों में भी इस तरह के प्रशिक्षण अभियान निरंतर चलाए जाएंगे। इस कार्यक्रम की सफलता में मुख्य रूप से जिन लोगों का योगदान रहा उनमें मुख्य रूप से चीफ वार्डन अरुण कुमार , सिविल डिफेंस के प्रधान सहायक सुरेश प्रसाद , स्कूल की प्रधानाध्यापिका रंजिता गांधी एवं समस्त शिक्षक वृंद के साथ सिविल डिफेंस के मास्टर ट्रेनर जितेंद्र तिवारी और वालंटियर्स ममता, विवेक, पुष्कर , इंद्रजीत , नागेन्द्र आदि की अहम भूमिका रही।
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