Jamshedpur (Nagendra) सोना देवी विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत सप्ताह कार्यक्रम के तहत किताडीह गांव में नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान ग्रामीणों को नशा से दूर रहने तथा नशा करने वालों को इससे बचाव के लिए जागरूक किया गया. किताडीह गांव में घर घर जाकर महिलाओं को नशा के दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई और उन्हें यह बताया गया कि वे कैसे अपने परिवार के सदस्यों को इससे बचने के लिए प्रेरित कर सकती हैं. गांव के पुरूषों को भी नशा से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया. इस दौरान सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ ब्रज मोहन पाट पिंगुआ के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई. लोगों ने हाथों में तख्तियां ली थी जिसपर नशा विरोधी नारे लिखे थे.
कुलसचिव डाॅ नित नयना, सहायक प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों ने भी किताडीह गांव में जागरूकता रैली निकाली. इस दौरान सभी उत्क्रमित मध्य विद्यालय किताडीह गये जहां स्कूली बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार लेने तथा अपनी रूचि के अनुसार खेल का चयन करने की सलाह दी गई, बच्चों को भी नशा के दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई. इस मौके पर सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानन्द सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संस्कृत विभाग के सहायक प्राध्यापक डाॅ सुजीत कुमार ने नशीले पदार्थों के बारे में विस्तार से बताया. यह भी बताया कि इससे किस प्रकार लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. उन्होंने मादक पदार्थों के उपयोग से बचने के तरीके भी बताए.
कुलसचिव डाॅ नित नयना के कहा कि नशे के आदि लोग यदि मिलें तो उनकी सहायता करें. कुलपति डाॅ ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जमीनी स्तर पर लागू करने की जरूरत है. किशोरों को भी जागरूक करने की जरूरत है ताकि वे इससे अपना बचाव करे सकें. श्री पिंगुआ ने कहा कि सामूहिक प्रयास से नशा के उपयोग पर नियंत्रण हासिल किया जा सकता है. इस दौरान नशा से दूर रहने के लिए सभी को शपथ ग्रहण कराया गया.


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