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Bhopal उच्च शिक्षित, कुशाग्र बुद्धि वाले भारतीय नौजवानों की तलाश में पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी Pakistani intelligence agency on the lookout for highly educated, intelligent Indian youth

 


Upgrade Jharkhand News.  पाकिस्तान की प्रसिद्ध मासिक पत्रिका 'हेराल्ड' के अनुसार पाकिस्तानी आतंकी संगठन आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए बच्चों और किशोरों की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। इतना ही नहीं, भारत-पाक सीमा पर स्थित गांवों से बच्चों का अपहरण करके उन्हें बंधक बनाकर उन पर तरह-तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं और उन्हें जबरन संगठनों से जोड़ा जा रहा है।'हेराल्ड' के वरिष्ठ पत्रकार अजमेर कुरैशी ने अपने लेख में लिखा है कि उन्होंने आतंकी संगठनों के शिविरों में 13 से 15 वर्ष के बच्चों को ट्रेनिंग लेते अपनी आंखों से देखा है। उन्हें आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे बच्चों को न घर लौटना नसीब होता है और न ही वे सामान्य जिंदगी जी पाते हैं। एक बार आत्मघाती जैकेट पहनने के बाद उसे उतारने का मौका ही नहीं मिलता। आतंकवादी संगठन अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए इन बच्चों की खरीद-फरोख्त को असामान्य नहीं मानते। कई बार इन बच्चों की रिहाई के लिए फिरौती भी वसूली जाती है।


कुरैशी ने आगे लिखा है कि इन बच्चों का अपहरण अमूमन मस्जिदों, मजहबी जलसों, मदरसों के बाहर और भीड़भाड़ वाले बाजारों से किया जाता है। इन बच्चों से कैदियों जैसा सलूक किया जाता है। 'हेराल्ड' में यह भी लिखा गया है कि आतंकी संगठन इन बच्चों को अन्य आतंकी संगठनों को बेचने का भी काम करते हैं। कई बच्चों की दर्दनाक कहानियां भी पेश की गई हैं, जिन्हें आतंकी संगठनों ने 50 हजार से 1 लाख रुपये की फिरौती लेकर छोड़ा है। युवा बच्चों को जेहाद के नाम पर गुमराह करके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई आतंक के पौधे रोप रही है। युवाओं के मन में आतंकवाद का जहर भरकर भारत के खिलाफ तबाही मचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। हाल ही में पकड़े गए जम्मू-कश्मीर के आतंकवादियों ने भारतीय सेना को बताया कि विद्रोही स्वभाव के भारतीय युवाओं का आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल भविष्य में भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।      पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'मोमिने आम ओ मोमिने खास' के शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पाकिस्तानी नौजवानों को पूरा युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वे हर वक्त दुश्मन से लड़ने-मरने के लिए तैयार रहते हैं। इन आतंकवादियों के  आईएसआई और पाक सेना के बड़े अधिकारियों से अच्छे संबंधों की जानकारी भी बड़े पैमाने पर सामने आई है। आतंकी संगठनों की हर हरकत में पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की बराबर की हिस्सेदारी होती है।


कई आतंकवादी संगठनों के सक्रिय सदस्यों के पकड़े जाने के बाद यह बात सामने आई है कि आईएसआई और पाकिस्तानी सेना ने भारत में तबाही मचाने के लिए उन्हें नया गुरु मंत्र दिया है। वह यह कि भारत में हताश युवाओं और बेरोजगार नौजवानों को भारी आर्थिक लालच और उज्ज्वल भविष्य के सपने दिखाकर अपने जाल में फंसाया जाए। पंजाब के सीमावर्ती जिलों फिरोजपुर, फाजिल्का, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर के एसएसपी ने स्वयं माना है कि सीमावर्ती जिलों के नौजवान पाकिस्तान की तरफ से परोसे गए बड़े-बड़े लालचों में फंसकर देशद्रोह का काम करने के लिए उतावले हो रहे हैं। पाक सेना भी इन नौजवानों को अपने जाल में फंसाने में पूरा सहयोग कर रही है। पाक की गुप्तचर एजेंसियों की भारतीय सीमा पर बसे हताश युवाओं पर खास नजर रहती है और पैसे के लालच में आकर युवक गुमराह हो रहे हैं। पंजाब में जिस प्रकार ड्रोन नशीले पदार्थों के साथ-साथ घातक हथियार गिरा रहे हैं, उससे पंजाब में स्थापित शांति को किसी भी समय भंग किया जा सकता है। सीमा सुरक्षा बल के बड़े अधिकारियों का मानना है कि अब पाकिस्तान का पूरा जोर पंजाब के नौजवानों को आतंकी बनाने पर है। फिरोजपुर सीमावर्ती क्षेत्र से जिस प्रकार घातक बमों की बरामदगी नौजवानों से हो रही है, वह भारत के लिए बड़ा खतरा है। जिस तरह पाकिस्तानी आधुनिक हथियार भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, उस पर केंद्रीय एजेंसियों को पुनः विचार करने की जरूरत है।


सीमा सुरक्षा बल के एक बड़े अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्तान ड्रोन से जितने हथियार भेज रहा है, उनमें से आधे ही पकड़े जा रहे हैं। शेष आतंकवादियों के पास पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में पुनः आतंकवाद मजबूत होता दिख रहा है। यद्यपि पंजाब सरकार लोगों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं सीमावर्ती लोगों का कहना है कि पंजाब में सीमावर्ती क्षेत्रों में सारी रात ड्रोन उड़ते रहते हैं, लेकिन पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल सुबह कार्रवाई करते हैं। रात के अंधेरे में तस्कर ड्रोन से फेंका गया माल समेट ले जाते हैं।      बेरोजगार युवाओं के दिलों में पनप रही हताशा को विद्रोही स्वर देकर जेहाद से जोड़ने का मुख्य काम पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को सौंपा गया है। इसके लिए पानी की तरह धन बहाया जा रहा है। बेरोजगार युवाओं पर मोटी रकम खर्च कर उन्हें जेहाद के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस्लाम खतरे में है,के नाम पर शिक्षित वर्ग और साधन संपन्न वर्ग के लोगों को भड़काऊ नारे देकर धर्म की रक्षा के लिए कुछ कर गुजरने के लंबे-लंबे भाषण दिए जा रहे हैं।


भारतीय क्षेत्रों में कई हरफन मौला जेहादी इस काम में जुटे हैं। देश के विभिन्न स्थानों में बेरोजगार, गरीब, असमानता और धर्म जैसे विषयों पर मन की खीझ का लाभ उठाकर और चंद पैसों के लालच में छोटे-मोटे आतंकी काम करवा लिए जाते हैं। पिछले दिनों पंजाबी नौजवानों ने पुलिस दफ्तरों पर बम फेंकने का षड्यंत्र रचा था। उसके पीछे भी पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का हाथ था। उधर, विदेश में बैठे खालिस्तानी आतंकवादी भी सक्रिय हो चुके हैं और हताश युवाओं को आतंकवाद में इस्तेमाल करने की नई चाल चल रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि देश के गृह मंत्रालय की तरफ से राज्य की सभी पुलिस एजेंसियों को एडवाइजरी जारी की गई है कि वे देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में गुप्तचर तंत्र को और मजबूत करें और भारतीय युवाओं को बरगलाने वाले तत्वों पर खुफिया एजेंसियां पैनी नजर रखें, ताकि पाकिस्तान की इस चाल को भी नाकाम बनाया जा सके। (लेखक पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार एवं अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विशेषज्ञ हैं) सुभाष आनंद



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