Guwa (Sandeep Gupta) झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) रांची एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) पश्चिमी सिंहभूम मोहम्मद शाकिर के निर्देश पर 90 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को नोवामुंडी प्रखंड के बड़ाजामदा स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में बाल विवाह एवं डायन कुप्रथा के विरुद्ध विधिक जागरूकता एवं कानूनी सहायता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए के सचिव रवि चौधरी ने कहा कि डायन कुप्रथा केवल एक अंधविश्वास नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक और कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि अधिकांश मामलों में किसी की संपत्ति पर कब्जा करने या पुरानी दुश्मनी निकालने की मंशा से महिलाओं को डायन बताकर प्रताड़ित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को डायन कहना उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन है तथा ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल श्रम निषेध कानून तथा बच्चों के शिक्षा एवं समुचित विकास से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समाज से इन कुप्रथाओं को समाप्त करने का आह्वान किया। साथ ही लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क कानूनी सहायता सेवाओं का लाभ उठाएं। साथ ही थाना प्रभारी विनीता कुमारी ने कहा कि अगर स्कूल के छात्राओं के साथ कोई भी आकर उसके शरीर को टच करता है तो तुरंत ही इसकी शिकायत स्कूल के शिक्षक, अपने माता-पिता से या महिला थाना आकर इसकी जानकारी दें तभी उसे पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
अपनी चुप्पी तोड़े और तुरंत ही इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दे। इसके साथ उपस्थित लोगों ने भी बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक किया तथा कानूनी संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार श्रीवास्तव, नोवामुंडी महिला थाना प्रभारी विनीता कुमारी, लीगल डिफेंस काउंसिल प्रमुख सुरेंद्र प्रसाद, अधिकार मित्र प्रमिला पात्रो, उप प्रमुख ज्योति दास, मदन किशोर एवं विनीता सांडिल सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।


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