Guwa (Sandeep Gupta) सेल के झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (जेजीओएम) के लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (एल एंड डीसी), किरीबुरू में सोमवार को ओटीआर टायर सुरक्षा और टायर रखरखाव विषय पर एक दिवसीय प्रदर्शन सुधार कार्यशाला (पीआईडब्ल्यू) का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य भारी खनन मशीनों में उपयोग होने वाले ऑफ-द-रोड (ओटीआर) टायरों के सुरक्षित संचालन, निरीक्षण, रखरखाव एवं प्रबंधन के प्रति कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना था। इसमें झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ ग्रुप ऑफ माइंस के कुल 39 कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सीजीएम (रखरखाव) एस.एस. शाह, सीजीएम (एचआर-माइन्स) डी. मिश्रा, जीएम प्रभारी (खनन) एस.के. सिंह तथा राम सिंह की उपस्थिति में हुआ। प्रतिभागियों का स्वागत डीजीएम (एचआर-एल एंड डी) रथिन विश्वास ने किया, जबकि संचालन एजीएम (एचआर-एल एंड डी) सी.के. बिस्वाल और समन्वय एजीएम (एचआर-एल एंड डी) आर.के. साहू ने किया। कार्यशाला के तकनीकी सत्र एलएंडटी कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग मशीनरी, दुर्गापुर के प्रशिक्षण प्रमुख अरिंदम दत्ता ने संचालित किए। उन्होंने ओटीआर टायरों की संरचना, सुरक्षित संचालन, निरीक्षण तकनीक, निवारक रखरखाव, टायर विफलता विश्लेषण, वायु दाब प्रबंधन तथा टायरों की आयु बढ़ाने से संबंधित व्यावहारिक जानकारी साझा की।
जीएम प्रभारी (खनन) राम सिंह ने कहा कि ओटीआर टायरों का सुरक्षित उपयोग और उचित रखरखाव खनन कार्यों में दुर्घटनाओं को कम करने, उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने तथा उत्पादन क्षमता में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं सीजीएम (एचआर-माइन्स) डी. मिश्रा ने एआई, डिजिटलीकरण और आधुनिक खनन तकनीकों के दौर में निरंतर सीखने, नई तकनीकों को अपनाने और कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर बल दिया। सीजीएम (रखरखाव) एस.एस. शाह ने भी टायर सुरक्षा और निवारक रखरखाव को परिचालन उत्कृष्टता का आधार बताया। कार्यशाला का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। यह कार्यक्रम आधुनिक खनन कार्यों में सुरक्षा, दक्षता और सर्वोत्तम रखरखाव प्रथाओं को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी साबित हुआ।

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