Guwa (Sandeep Gupta) सारंडा की हसीन वादियों में इन दिनों मौसम ने अद्भुत रूप धारण कर लिया है। सेल की किरीबुरू और मेघाहातुबुरु की ऊंची पहाड़ियां घने कोहरे के आगोश में समाई हुई हैं। चारों ओर सफेद धुंध की चादर बिछी है। स्थिति ऐसी है कि महज 10 मीटर की दूरी पर खड़े व्यक्ति को भी देख पाना मुश्किल हो रहा है। घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ रहा है।कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से वाहन चलाना पड़ रहा है। पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। किरीबुरू और मेघाहातुबुरु में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है।
बारिश थमने के बाद भी कोहरा छंटने का नाम नहीं ले रहा। सुबह से लेकर दिन के काफी समय तक पहाड़ियां और शहर धुंध में छिपे नजर आते हैं।लगातार बारिश और अत्यधिक नमी के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित है। कई दिनों से पर्याप्त धूप नहीं निकलने के कारण घरों में कपड़े सुखाना भी मुश्किल हो गया है।
सारंडा की भौगोलिक खूबसूरती का अनोखा पहलू यह है कि किरीबुरू की पहाड़ी से महज करीब पांच किलोमीटर नीचे उतरते ही मौसम पूरी तरह बदल जाता है।ऊंचाई पर घना कोहरा रहता है, जबकि नीचे मौसम सामान्य नजर आता है और धूप-बादलों के बीच आंख-मिचौली चलती रहती है। बारिश, बादल, कोहरा, पहाड़ और घने जंगल का यह संगम किरीबुरू-मेघाहातुबुरु को इन दिनों प्रकृति के अनोखे ‘बादलों के शहर’ में बदल रहा है।


No comments:
Post a Comment