Jamshedpur (Nagendra) झारखंड में औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा झारखंड में उद्योग के अवसर एवं चुनौतियां सिम्पोजियम 2026 का आयोजन किया. बिस्टुपुर स्थित चैंबर भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के 19 जिलों के चैंबर प्रतिनिधि शामिल हुए थे.
सिम्पोजियम में राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास पर गहन मंथन की गई. इस दौरान राज्य में नए उद्योग की स्थापना में आने वाली समस्या, पर्यटन के क्षेत्र में अन्य राज्यों की तुलना में होने वाली विकास की कमी के अलावा कई बिन्दुओं पर चैंबर के प्रतिनिधियों ने चर्चा की. आयोजन में टाटा स्टील के वीपीसीएसडीबी सुंदरारामम ने कहा कि झारखंड को केवल खनिज उत्पादक राज्य नहीं, बल्कि वैल्यू एडिशन आधारित औद्योगिक राज्य के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है. उन्होंने जमशेदपुर में एयरपोर्ट निर्माण को क्षेत्र के औद्योगिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि इससे कोल्हान क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण बिजनेस हब के रूप में स्थापित होगा. वहीं, झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्य आज विकास के निर्णायक दौर में है.
झारखंड के 12 उत्पादों को मिले जीआई टैग, आईटी एवं औद्योगिक विकास की संभावनाएं तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना राज्य को नई पहचान दिला सकती हैं. कार्यक्रम में पहुंचे अन्य प्रतिनिधियों ने राज्य को पूर्वी भारत का उभरता मैन्युफैक्चरिंग हब बताते हुए निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया. इस दौरान चैंबर के कई सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार की मानसिकता ही नहीं है कि राज्य का औद्योगिक विकास हो. औद्योगिक विकास को लेकर सिर्फ बैठक या एमओयू हो रहा है, धरातल पर कुछ भी नहीं है. उद्योग के लिए प्रदेश में लैंड एक बड़ी समस्या है. वहीं, कोल्हान का सबसे बड़ा व्यवसायिक संगठन सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि झारखंड में इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, डिफेंस एवं रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण जैसे वैल्यू एडिशन उद्योगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है. धार्मिक एवं पर्यटन सर्किट विकसित कर पर्यटन उद्योग को नई गति देने की जरुरत है. उन्होंने बताया कि झारखंड गठन के बाद पहली बार राज्य के सभी चैंबर एक मंच पर राज्य के भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से एकत्र हुए हैं.
झारखंड में सबसे बड़ी समस्या लैंड बैंक की है. सरकार को इस दिशा में काम करने की जरुरत है. पूरे देश का 40 प्रतिशत खनिज पदार्थ झारखंड में है. इसलिए सभी बड़ी इंडस्ट्री की नजर झारखंड पर है. लेकिन मौजूदा लॉ एंड ऑर्डर और अन्य मूलभूत सुविधा का अभाव है. मानव केडिया ने कहा कि छोटे व्यवसायियों को लैंड नहीं मिलने के कारण उद्योग नहीं लगा पा रहे हैं. मानव केडिया ने कहा कि दुमका, धालभुमगढ़, चाकूलिया में एयरस्ट्रिप है, लेकिन एयरपोर्ट नहीं बन पा रहा है. जबकि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने की जरुरत है, जिससे हेल्थ, एजुकेशन और अन्य क्षेत्र में विकास हो सके. अध्यक्ष ने कहा कि सिम्पोजियम में जो निष्कर्ष निकलेगा, इन सभी सुझावों एवं समस्याओं को संकलित कर राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से सौंपा जाएगा. जिससे राज्य के विकास में सरकार के साथ चैंबर अपनी जिम्मेदारी निभा सके.
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