Upgrade Jharkhand News. स्कूल ऑफ नर्सिंग, अरका जैन विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सहयोग से JEH Auditorium में दोपहर 12:00 बजे से टीबी मुक्त भारत अभियान पर एक विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रो. डॉ. एस. एस. रज़ी, चेयरपर्सन, बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने टीबी मुक्त भारत अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य क्षय रोग (Tuberculosis) के संबंध में जागरूकता उत्पन्न करना तथा भारत को टीबी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों के प्रति विद्यार्थियों को संवेदनशील एवं जागरूक करना था। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं संकाय सदस्यों को टीबी की रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान किया। विशेषज्ञ सत्र में डॉ. अनंत कुमार, मेडिकल ऑफिसर-इन-चार्ज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गम्हरिया तथा श्री राज छेत्री, जिला कार्यक्रम समन्वयक ने टीबी के संकेत एवं लक्षण, निदान तथा उपचार की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
दीपक ठाक्कर, स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर, निक्षय मित्र इनिशिएटिव (NMI) ने टीबी मुक्त भारत पोर्टल/ऐप के माध्यम से निक्षय मित्र बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए वर्तमान दृष्टिकोण, समय पर निदान, उपचार के प्रति अनुपालन, रोकथाम तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि निक्षय मित्र पहल (NMI) में किस प्रकार भाग लिया जा सकता है। विशेषज्ञ सत्र के दौरान श्री अजित प्रमाणिक, ट्रीटमेंट सुपरवाइजर , कैंप कोऑर्डिनेटर एसआरके कमलेश भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने टीबी के संबंध में जागरूकता फैलाने, इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने, सामाजिक कलंक (Stigma) को कम करने तथा टीबी से प्रभावित व्यक्तियों को सहयोग प्रदान करने में स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों एवं विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। इस सत्र में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक सहभागिता एवं सामुदायिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया।
यह कार्यक्रम प्रो.जीनू एनी जोसेफ, प्राचार्य, स्कूल ऑफ नर्सिंग, तथा डॉ. मनोज कुमार पाठक, NSS कार्यक्रम अधिकारी, ARKA JAIN University के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रो. शिल्पा जे. का भी सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समन्वय प्रियंका टुडू, सहायक प्रोफेसर, रिशाली, नर्सिंग ट्यूटर द्वारा किया गया।

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