- उस आइकॉनिक फिल्म की एक बार फिर यादें ताजा करते हैं, जिसने एसीपी यशवर्धन के किरदार को पर्दे पर उतारा, कई यादगार किरदारों से दर्शकों को मिलवाया और इंडियन एक्शन सिनेमा को एक नया अंदाज दिया।
Mumbai (Gurpreet Cour) निशिकांत कामत द्वारा डायरेक्टेड फिल्म 'फोर्स' आज के दिन 30 सितंबर 2011 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी। फिल्म ने रिलीज़ होते ही इंडियन एक्शन फिल्म की दुनिया में एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया। इस को विपुल अमृतलाल शाह ने अपने बैनर सनशाइन पिक्चर्स के तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म में सिर्फ हाई-स्टेक्स ड्रामा ही नहीं है बल्कि इसकी कहानी भी दमदार और जमीन से जुड़ी इंटेंसिटी से भरपूर है। फिल्म की कहानी जॉन अब्राहम के किरदार ACP यशवर्धन के इर्दगिर्द घूमती है, जो एक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का मज़बूत ऑफिसर है। वहीं, फिल्म में खलनायक के किरदार में विद्युत जामवाल हैं, जिन्होंने एक खतरनाक ड्रग सिंडिकेट की भूमिका निभाई है। फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण लीड किरदार का विष्णु के साथ खतरनाक लड़ाई है। जेनेलिया डिसूज़ा द्वारा निभाई गई माया की प्यार से भरी भूमिका एक्शन ड्रामा में सच्चे इमोशन को खूबसूरती से पिरोया है। इस तरह से फिल्म ने दर्शकों से प्यार ही नहीं पाया बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी जबरदस्त कमाई कर हिट बनकर सामने आई।
फोर्स अपनी रिलीज़ के 15 साल बाद भी मॉडर्न एक्शन सिनेमा की दुनिया में अपनी खास जगह बनाई हुई है। बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई के अलावा, इस फिल्म को सिल्वर स्क्रीन पर एक्शन सीन्स को डिजाइन करने और उन्हें दिखाने के तरीके में बदलाव लाने के लिए भी याद किया जाता है। जॉन अब्राहम के शानदार फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन से लेकर विद्युत जामवाल के खलनायक के रूप में डेब्यू करने तक, फिल्म ने दर्शकों को कई खास पल दिए हैं जिनके बारे में आज भी वे बात करना पसंद करते हैं। रॉ एनर्जी से लेकर कभी ना भूल जाने वाले किरदार और जबरदस्त साउंडट्रेक के जरिए फोर्स ने एक्शन लवर्स की दुनिया में अपनी एक खास जगह बनाई है। ऐसे में आज जब सनशाइन पिक्चर्स फिल्म के 15 साल पूरे होने का जश्न मना रही है, फिल्म की खास पहचान आज भी कायम है और इसे एक ऐसी क्लासिक फिल्म माना जाता है, जिसने सिल्वर स्क्रीन पर रॉ और रियलिस्टिक एंटरटेनमेंट को एक नई पहचान दी।

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