- 1500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक वसूली का दावा, रसीद मिलने की बात; यूनियन के दो नेताओं के खिलाफ ओपी में शिकायत देकर महिलाओं ने मांगी कार्रवाई
Guwa (Sandeep Gupta) पश्चिमी सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग में कार्यरत करीब 40 महिला श्रमिकों से रेलवे विभाग में स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें रेलवे में नियुक्ति पत्र दिलाकर स्थायी नौकरी देने का भरोसा दिया गया था। इसके बदले उनसे 1500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक वसूले गए। महिलाओं ने रुपये जमा करने के बदले रसीद मिलने की बात भी कही है। इस मामले में भुक्तभोगी महिलाओं ने शुक्रवार शाम को भारतीय रेलवे मानदेय श्रमिक यूनियन के नेता चंदन बोयपाई और मनोरंजन बेहरा के खिलाफ बड़ाजामदा ओपी में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। इससे पहले भी महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिले की एसपी से मिलने चाईबासा पहुंची थीं।
नौकरी का भरोसा देकर वसूली का आरोप: शिकायत आवेदन के अनुसार, बड़ाजामदा रेलवे साइडिंग में ठेका आधार पर अलग-अलग स्थानों पर चार ठेकेदारों के माध्यम से काम कराया जाता है। इन ठेकेदारों के अधीन कार्यरत महिला श्रमिकों को रेलवे विभाग में स्थायी नौकरी दिलाने और नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने का कथित आश्वासन दिया गया था। महिलाओं का आरोप है कि इसी भरोसे पर करीब 40 श्रमिकों से अलग-अलग रकम ली गई। महिलाओं के अनुसार, किसी से 1500 रुपये तो किसी से 50 हजार रुपये तक लिए गए। रुपये जमा करने के बाद भी जब नौकरी मिलने में लगातार देरी होने लगी, तो उन्हें संदेह होने लगा। इसी बीच कथित तौर पर यूनियन नेताओं के अचानक बड़ाजामदा से गायब होने की बात सामने आई, जिससे महिलाओं की चिंता और बढ़ गई।
संपर्क करने पर मोबाइल मिला बंद: पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्होंने ओडिशा के जोड़ा प्रखंड अंतर्गत नारदोपुर गांव निवासी यूनियन नेता चंदन बोयपाई और उनके साथी मनोरंजन बेहरा से संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि, उनके मोबाइल फोन बंद मिले। इसके बाद महिलाओं ने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया।
जांच कर कार्रवाई की मांग: शिकायत देने के दौरान सारंडा मंडल के प्रखंड अध्यक्ष महेंद्र महाकुड़ भी उपस्थित थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग स्थानीय प्रशासन से की। उन्होंने कहा कि नौकरी की उम्मीद में मेहनत करने वाली महिला श्रमिकों से इस तरह पैसे लिए जाने का आरोप गंभीर है। मामले की जांच कर महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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