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छोटानागरा पंचायत के 10 गांव में पेयजल आपूर्ति ठप || Drinking water supply stalled in 10 villages of Chhotanagara Panchayat


 गुवा संवाददाता। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के नाम पर सारंडा जंगल स्थित छोटानागरा पंचायत के 10 गांवों के हजारों परिवार के साथ धोखा किया गया। यह धोखा विभागीय अधिकारी व ठेकेदार की भ्रष्ट निति की वजह से होने की बात कही जा रही है। गर्मी प्रारम्भ होने के साथ हीं छोटानागरा पंचायत के बाईहातु गांव स्थित आसन्न जलापूर्ति योजना के तहत इस जलमीनार से पंचायत के दसों गांवों में पेयजल आपूर्ति पिछले तीन दिनों से बंद है। इससे गांवों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गई है। विभागीय अधिकारी व ठेकेदार की लापरवाही की वजह से लोग पानी के लिए तरस रहे है। उल्लेखनीय है कि पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चक्रधरपुर द्वारा छोटानागरा एवं आसन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शुभारंभ डीएमएफटी फंड से लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2017 में मेसर्स गलैक्सी इंटरप्राईजेज द्वारा प्रारम्भ किया गया था। इस योजना के तहत बाईहातु गांव में तीन लाख पांच हजार लीटर क्षमता का जलमीनार व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया। इससे कुछ दूरी पर स्थित जोजोगुटू गांव के समीप कोयना नदी में इन्टेक कुआं का निर्माण कराया गया।इस इन्टेक कुआं से पानी को पंप व मोटर के सहारे खिंच कर बाईहातु स्थित पानी फिल्टर प्लांट में लाकर पानी को फिल्टर कर उसे जलमीनार में चढ़ाकर छोटानागरा पंचायत के 10 गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही थी। इसके लिये कई गांव में लगभग 33 किलोमीटर लम्बी पानी पाइप लाइन बिछाई गई है।गर्मी प्रारम्भ होने के साथ हीं बाईहातु जलमीनार योजना से पंचायत के 10 गांवों में पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति बंद होने की मुख्य वजह कोयना नदी में कम पानी होना है। नदी में जहां इन्टेक कुआं बनाया गया है उस कुआं में पानी नहीं जा पा रहा है। कुआं में पानी ले जाने के लिए विभागीय कर्मचारी 28 फरवरी को नदी में नाला बनाकर कुआं तक पानी ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। छोटानागरा पंचायत की मुखिया मुन्नी देवगम, सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ा देवगम, जोजोगुटू के मुंडा कानूराम देवगम, मान सिंह चाम्पिया ने बताया कि इन्टेक वेल के अंदर व बाहर बालू, मिट्टी भर गया है। इससे पानी नहीं आ पा रहा है। नाली बनाकर पानी पहुंचाना स्थायी समाधान नहीं होगा क्योंकि पंप व मोटर चालू होते हीं कुआं का पानी तुरंत खत्म हो जाएगा। स्थायी समाधान के लिए कार्य करने की जरूरत है। क्योंकि गर्मी बढ़ने के साथ-साथ नदी का जल स्तर घटेगा और समस्या आगे और बढे़गी। उन्होंने कहा कि इस जलमीनार से छोटानागरा, बाईहातु, जोजोगुटू, तितलीघाट, बहदा, राजाबेड़ा, दुबिल, जामकुंडिया, बढु़ईया, सोनापी गांव व उसके विभिन्न टोला में पेयजल आपूर्ति होना है।

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