कुमुद बाबू एक अनुशाषित व आदर्श शिक्षक थे,,,सुनील कुमार दे,,,
हाता। शिक्षाविद कुमुद रंजन भकत का निधन विगत 14 मार्च 2023 को हो गया था। वे 85 वर्ष के थे। उनका कालिकापुर गांव में श्राद्ध कर्म हुआ। इस अवसर पर शाम 5 बजे उनके स्मरण में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माताजी आश्रम के संचालक सह साहित्यकार और समाज सेवी सुनील कुमार दे उपस्थित थे।
धूप दीप प्रज्वलित करने के बाद उनकी प्रतिकृति पर पुष्पांजलि प्रदान की गई।उसके बाद उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।इस अवसर पर सुनील कुमार दे ने कहा,,कुमुद बाबू एक अनुशाषित और आदर्श शिक्षक थे।इसके अलावे वे रामकृष्ण विवेकानंद जी परम भक्त और सामाजिक आदमी थे।बंगला भाषा के प्रति भी उनका काफी प्रेम था।
इस अवसर पर डॉक्टर बादल चंद्र भकत कुमुद बाबू की जीवनी पर प्रकाश डाला।अनुपम भकत ने स्वागत भाषण और जयश्री भकत ने धन्यवाद ज्ञापन किया। शोक सभा का संचालन जगदीश भकत ने किया।इस अबसर पर डॉक्टर बिकाश चंद्र भकत,अमल बिस्वास,अनूप मंडल,अभिजीत भकत,रायश्री भकत,अमृत कुमार दास,रितु भकत,दीप्ति भकत,विजय कुमार पाल,स्वपन कुमार दे,पशुपति सरकार आदि उपस्थित थे।

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