चांडिल। 1769 से 1778 ई0 तक जंगल महल में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले चूहाड़ विद्रोह के महानायक शहीद रघुनाथ महतो के जन्मदिवस पर उनके जन्मभूमि नीमडीह प्रखंड के घुटियाडीह गांव में पहुंचकर झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के नेता क्रांतिकारी टाईगर जयराम महतो ने शहीद रघुनाथ महतो के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
मौके पर टाईगर जयराम महतो ने कहा कि झारखंड के माटी शुरू से ही वीर पुरुषों का कर्म स्थली रहा है। उन्होंने कहा कि जब जब समाज में अन्याय अत्याचार चरम सीमा पर पहुंचा है तब तब दमन के लिए किसी न किसी महापुरुष का जन्म हुआ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की अत्याचार से जंगल महल के लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए वीर योद्धा रघुनाथ महतो का जन्म हुआ था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी झारखंडी जनता का शोषण किया जा रहा है। शोषण से मुक्ति के लिए हमने भी शोषित पीड़ित वर्ग के सहयोग से संग्राम का शंखनाद किया है। जिसे मंजिल तक पहुंचाने का काम करेंगे। झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति चांडिल इकाई के सक्रिय सदस्य तरुण महतो ने कहा कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनताओं को विभिन्न तरह से शोषण किया जा रहा है। चांडिल डैम के विस्थापितों को उनका हक अधिकार नहीं दिया जा रहा है, पुरे विधानसभा क्षेत्र के निवासी प्रदुषण से त्रस्त है। इन समस्याओं की समाधान के लिए जोरदार आंदोलन किया जायेगा।

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