चांडिल। भारतीय स्वतंत्रता सेनानी चुआड़ विद्रोह के महानायक रघुनाथ महतो के जयंती पर आजसू के प्रधान महासचिव पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, आजसू के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो, क्रांतिकारी टाईगर जयराम महतो, ग्राम प्रधान महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वैद्यनाथ महतो, युवा नेता खगेन महतो आदि ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। मौके पर पूर्व मंत्री सह आजसू के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो एक भारतीय क्रांतिकारी एवं एक महान नेता थे, जिन्होंने 1769-78 में अंग्रेजों के विरुद्ध चुआड़ विद्रोह का नेतृत्व किया था।
चुआड़ विद्रोह, छोटानागपुर क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ पहला विद्रोह था। उन्होंने कहा कि अमर शहीद रघुनाथ महतो एक वीर योद्धा थे जो स्वदेश वासियों के लिए अंग्रेजो के साथ भीषण संग्राम किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष किसी समुदाय, जाति के बंधन में बंधे नहीं है वे सिर्फ भारत माता के सपूत है। आजसू के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो ने "अपना गांव, अपना राज; दूर भगाओ विदेशी राज" के नारा दिया था।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत के काला कानून व्यवस्था के खिलाफ रघुनाथ महतो ने ग्रामीणों को एकजुट कर तत्कालीन मानभूम क्षेत्र में एक शस्त्र विद्रोह का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि प्रथम चुआड़ विद्रोह की अवधि 1767 से 1783 ईस्वी तक थी। 5 अप्रैल 1778 ई को क्रांतिकारी रघुनाथ महतो अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ते हुए शहीद हो गए। हमें उन महापुरूषों के मार्ग दर्शन पर चलने की आवश्यकता है।

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