गुवा । सेल की गुवा प्रबंधन पूर्व में किये गये अपने वादा अनुसार कोई कार्य नहीं कर रही है। ऐसी स्थिति में उक्त खदान से प्रभावित सारंडा के दर्जनों गांवों के ग्रामीण एक बार पुनः आंदोलन के लिये बाध्य हैं। उक्त बातें गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने कही।
उन्होंने कहा कि गुवा प्रबंधन ने बीते वर्ष नवम्बर में ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ वार्ता में कहा था कि प्रभावित गांवों के 60 बेरोजगारों को चरणबद्ध तरीके से गुवा खदान में बतौर सप्लाई अथवा ठेका मजदूर के रुप में रोजगार देगी। उसने 20 बेरोजगारों को लगभग छः माह तक के लिये रोजगार दिया, लेकिन बाद में सभी को काम से हटा दिया। प्रबंधन का यह तरीका गलत है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावे गंगदा, छोटानागरा आदि पंचायतों के दर्जनों गांवों को सीएसआर में शामिल कर वहां विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की बात कही गई थी जो कार्य नहीं किया जा रहा है। स्थायी नौकरी के सवाल पर प्रबंधन ने कहा था कि निकटवर्ती रोजगार निबंधन कार्यालय में अपना नाम बेरोजगार दर्ज कराये।
लेकिन दुःख की बात यह है कि सेल प्रबंधन चतुर्थ श्रेणी की बहाली भी पिछले दिनों निबंधन कार्यालय से बेरोजगारों की सूची नहीं मांगकर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर साक्षात्कार की प्रक्रिया जमशेदपुर, रांची जैसे शहरों में पूरा किया। इन सभी मामले को लेकर 2 जुलाई को दोदारी गांव स्थित बहुउद्देशीय भवन में दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की विशेष बैठक आयोजित की गई है। बैठक के बाद आंदोलन करने की रणनीति तैयार की जायेगी।

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