यूनाइटेड मिनरल्स वर्कर्स यूनियन के महासचिव लाडु जोंकों ने पीएम को लिखा पत्र
चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चिरिया माईंस नारायणी सन् इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 378 मजदूरों की छंटनी लगभग माना जा रहा है। 2023 के दिसंबर माह में लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इस मजदूरों के छंटनी बाद के बाद से अपराध के साथ-साथ लोग पलायन करेंगे। यह बातें बुधवार को चक्रधरपुर शहर के पंप रोड स्थित यूनाइटेड मिनरल्स वर्कर्स यूनियन के कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को महासचिव लाडु जोंकों कहा। उन्होंने कहा कि चिरिया माइंस में काम करने वाले मजदूरों की भारी मात्रा से छंटनी हो रही है।
जो काफी दु:खद बात चिड़िया माइंस के मिली भगत से पहले भी पहले माइंस में एक हजार से अधिक मजदूर काम करते थे। मजदूरों के छंटनी करते-करते अब मात्र 378 मजदूर से रह गए हैं। अब 378 मजदूरों का भी छंटनी करने को लेकर माइंस के नोटिस बोर्ड में नोटिस लगा दिया गया है। साथ ही साथ मजदूर नेताओं को भी नोटिस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के छंटनी होने से लोगों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न होगी। जिससे अपराध बढ़ेगा। माइंस जंगल क्षेत्र में होने के कारण वहां काम करने वाले मजदूर नक्सलवादी के राह में चल पड़ेंगे।
जिससे आगे चलकर समाज व देश को क्षति पहुंचेगी। इतना ही नहीं भारी मात्रा में लोग इस क्षेत्र से पलायन करेंगे। 378 मजदूरों की छंटनी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखी जाएगी। जिसकी प्रतिलिपि लेबर कमिश्नर ऑफिसर नई दिल्ली, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डिप्टी लेबर कमिश्नर धनबाद,चीफ लेबर कमिश्नर धनबाद, लेबर कमिश्नर चाईबासा, यूनाइटेड मिनरल्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष, माइनिंग विभाग चाईबासा, वन विभाग चाईबासा,उपायुक्त चाईबासा आदि को सौपी जाएगी।





































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