Upgrade Jharkhand News. क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने गुरुद्वारा कमेटी की राजनीति करने वालों को झारखंड हाई कोर्ट के आदेश से सबक लेने की सलाह दी है। अब आलम यह है कि झारखंड हाई कोर्ट ने भी मान लिया है कि साकची गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के दो प्रधान निर्वाचित हैं। दोनों की प्रक्रिया को ना तो सही माना गया है ना गलत ठहराया गया है। हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आनंद सेन ने साफ कह दिया है कि जो पीड़ित पक्ष है वह सिविल कोर्ट की शरण ले सकता है। कुलबिंदर सिंह के अनुसार वे चाहते तो बारीडीह में भी यही होता? सोनारी में भी यही होगा और मानगो में भी यही होगा यदि कोई पक्ष झारखंड हाई कोर्ट की शरण ले लेता है?
अधिवक्ता के अनुसार भगवान सिंह को गलत सलाह देने वाले लोग अगल-बगल बैठे हैं और वह अहंकारी बन गए हैं और इसलिए मनमाने फैसले ले रहे हैं। भगवान सिंह शायद समझे ही नहीं है कि वह सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान है और ऐसे में उनकी निष्पक्ष और न्याय पूर्ण भूमिका होनी चाहिए। लेकिन हर जगह वे पार्टी के तौर पर नजर आए हैं और ऐसे में उनके पास एक अच्छा अवसर है साकची के मामले में अच्छे पंच बने और न्याय पूर्ण सर्वमान्य फैसला लें।जिसे सरदार निशान सिंह और हरविंदर सिंह मंटू तथा साकची की संगत सहर्ष स्वीकार करें।

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