Jamshedpur (Nagendra) चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत टाटानगर रेलवे स्टेशन के बागबेड़ा क्षेत्र में नवनिर्मित बहुविषयक मंडल प्रशिक्षण संस्थान (MDTI) का सोमवार को विधिवत उद्घाटन किया गया. दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मिश्रा ने इस संस्थान का शुभारंभ करते हुए इसे रेल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया. इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तरुण हुरिया सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
एक ही छत के नीचे मिलेगी तकनीकी शिक्षा -इस नवनिर्मित प्रशिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुविषयक स्वरूप है. अब रेलवे के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों जैसे इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन के कर्मचारियों को अलग-अलग केंद्रों के बजाय एक ही स्थान पर एकीकृत प्रशिक्षण दिया जाएगा. महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे रेलवे आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है, वैसे-वैसे कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना अनिवार्य हो गया है. इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए रेल मंत्रालय देश के सभी मंडलों में ऐसे उच्चस्तरीय केंद्र स्थापित कर रहा है. संस्थान को पूरी तरह से हाई-टेक बनाया गया है, जहां नए रेलकर्मियों के लिए कंप्यूटर बेस्ड ट्रेनिंग (CBT) की विशेष सुविधा विकसित की गई है. सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव के लिए यहां आधुनिक कंप्यूटर लैब, मॉडल बोगी, ट्रैक सिस्टम, शंटिंग प्वाइंट और क्रॉसिंग जैसे बुनियादी ढांचे तैयार किए गए हैं. इन सुविधाओं के माध्यम से रेलकर्मी वास्तविक परिचालन परिस्थितियों का सामना करना सीख सकेंगे, जिससे रेल संचालन और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित होगा.
टाटानगर स्टेशन का कायाकल्प से ढाई साल में मिलेगी नई बिल्डिंग -महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत स्टेशन भवन का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है और अगले ढाई वर्षों में यात्रियों को एक भव्य और आधुनिक बिल्डिंग मिल जाएगी. इसके अतिरिक्त, खड़गपुर से हावड़ा और चांडिल से गम्हरिया के बीच चौथी रेल लाइन को भी स्वीकृति मिल गई है, जिस पर जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है. रेल परिचालन को और अधिक सुचारु बनाने के लिए महाप्रबंधक ने घोषणा किया कि टाटानगर यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य मई माह से शुरू होने की संभावना है. इस परियोजना के पूरा होने से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के आवागमन में होने वाली देरी कम होगी और उनकी समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार आएगा. कार्यक्रम के अंत में चक्रधरपुर मंडल के अधिकारियों ने इस संस्थान को रेल सुरक्षा और कर्मचारी उत्पादकता सुनिश्चित करने वाला एक मील का पत्थर बताया.


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