Upgrade Jharkhand News. अपने स्थापना का लगभग एक सौ साल पूरे कर चुके जमशेदपुर बार एसोसिएशन ने पूरे देश भर में इतिहास बना दिया है। पूरे देश में ऐसा पहली बार हुआ है। जब बार एसोसिएशन ने अपने कार्यालय के सामान्य कर्मचारी सुशांत कुमार नामता उर्फ भोंदू के निधन पर शोक जताते हुए वकीलों ने कार्य दिवस में आधा वेला न्यायिक कार्य से खुद को अलग रखा।
कुछ दिनों पहले मानगो डिमना रोड आदर्श नगर स्थित मकान की छत से सुशांत कुमार नामता गिर गया था और सर पर चोट लगने से कोमा में चला गया था। रिम्स में उसका इलाज चल रहा था और दवाइयां का खर्च वकील सामूहिक रूप से तथा बार एसोसिएशन वहन कर रहा था। बुधवार को उसकी रिम्स में मौत हो गई और स्वर्णरेखा बर्निंग घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बलाई पांडा, कार्यकारिणी सदस्य अभय कुमार सिंह, कुलविंदर सिंह आदि वकील उपस्थित थे।
सुशांत की स्मृति में न्यायिक कामकाज से अलग रखने के बार एसोसिएशन के फैसले का वकीलों ने स्वागत किया है और इसके लिए अध्यक्ष आरएन दास, सचिव राजेश रंजन एवं कार्यकारिणी के प्रति आभार जताया है। विष्णु सतपति, सुधीर कुमार पप्पू, टीएन ओझा, रामजीत पांडेय के अनुसार कर्मचारी भी संगठन का अनन्य अंग है, और भोंदू की स्मृति में बार एसोसिएशन का सराहनीय फैसला है।
इधर वरीय अधिवक्ता बीवी सुब्रमण्यम, विष्णु सतपति, राहुल कुमार, निशांत कुमार ने सहयोग राशि एकत्र की है और उनके अनुसार पचास हजार रुपए नगद परिजन को दिए गए थे। और राशि भी पत्नी कल्याणी देवी और बेटे दुलाल नामता को दी जाएगी। जिससे वे अपने रीति रिवाज परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार अच्छी तरह संपन्न कर सके।

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