Guwa (Sandeep Gupta) गुवासाई फुटबॉल मैदान में सोमवार देर शाम वारंग क्षिति लिपि के अन्वेषक ओत गुरु कोल लाको बोदरा की 40वीं पुण्यतिथि सादगीपूर्ण एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुवासाई के देवरी सुशील पूर्ति ने की। इस अवसर पर वक्ताओं ने ओत गुरु कोल लाको बोदरा के जीवन एवं उनके सामाजिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि लाको बोदरा ने आदिवासी समाज की भाषा, लिपि और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए, जिन्हें सदैव याद रखा जाएगा।
पुण्यतिथि कार्यक्रम के बाद आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा तथा आदिवासी समाज की संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को न भूले। कार्यक्रम में देवरी सुशील पूर्ति, सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया, लंकेश पूर्ति, अजय लकड़ा, मंगलदास पूर्ति, मंगल बिरुवा, चांदमनी लागुरी, जानों चातर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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