Jamshedpur (Nagendra) आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल के रिलीफ कोऑर्डिनेटर सुनील आनंद ने 5 दिन के अंतराल में दूसरी बार सिंगल डोनर प्लेटलेट दान कैंसर पीड़ित मरीज की जान बचाने के लिए किया। आज के दिन यह सुनील आनंद का 57वां दान है। सुनील आनंद का कहना है कि जितने भी रक्तदाता जो रक्तदान करते हैं सभी ईश्वर कोटि के मनुष्य होते हैं और उनके अंदर भाव होता है : हे परम पुरुष हम इसलिए रक्तदान करते हैं हम इसलिए सेवा करते हैं कि तुम खुश होते हो तेरे खुशी में ही सब कुछ है । इसके लिए हमको कष्ट भोग करना भी पड़े तो उसके लिए कोई बात नहीं।
परमात्मा का यह सबसे बड़ा निष्काम कर्म है ब्लड दान से बड़ा निष्काम कर्म और कुछ नहीं होता। परमात्मा के जो बच्चे हैं जो हॉस्पिटल में है उनके कष्ट निदान के लिए हम प्लेटलेट दान कर रहे हैं भले जिनके लिए प्लेटलेट दान हो रहा है वह खुश हो या ना हो लेकिन परमात्मा जरूर खुश होते हैं क्योंकि उन्ही के बच्चे के लिए यही प्लेटलेट दान किया जा रहा है यही है निष्काम कर्म योग। प्लेटलेट दान की प्रक्रिया दाता का प्लेटलेट काउंट डेढ़ लाख से ज्यादा होना चाहिए। यह प्रक्रिया लगभग एक घंटा से ज्यादा होता है।

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