- सामने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और मस्तान सिंह को देखकर चंदन सिंह हुए भावुक ।
Jamshedpur (Nagendra) कोलकाता के अपोलो अस्पताल में जो हुआ, उसने भीतर तक भावुक कर दिया। प्रत्यूष आनंद के पिता चंदन सिंह ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना के झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता साथ में रांची निवासी मनोज सिंह और मानगो निवासी मस्तान सिंह अचानक अस्पताल पहुंचे। तब इमरजेंसी रिसेप्शन से मुझे उनके आने की सूचना मिली और मैं उनसे मिलने पहुंचा, तो उन्हें अपने सामने देखकर कुछ पल के लिए मैं नि:शब्द रह गया। जिस समय मेरा बेटा प्रत्यूष आनंद जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है, जिस समय मेरा परिवार पूरी तरह टूट चुका है, और जिस समय मुझे अपने ही राजनीतिक परिवार से केवल खामोशी मिली । उसी समय अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा से जुड़े ये दोनों वरिष्ठ नेता आधी रात को अस्पताल पहुंचकर हमारे बीच खड़े थे।
उस क्षण मुझे महसूस हुआ कि राजनीति से बड़ा इंसानियत का रिश्ता होता है। उन्होंने सिर्फ हमारे परिवार का हालचाल नहीं पूछा, बल्कि हमें मानसिक संबल दिया, ढांढस बंधाया और यह एहसास कराया कि इस कठिन लड़ाई में हम अकेले नहीं हैं। पूर्व मंत्री बना गुप्ता के आत्मीय व्यवहार और संवेदनशीलता ने मुझे आत्मिक रूप से झकझोर दिया । मैं और मेरा पूरा परिवार बन्ना गुप्ता के इस आत्मीय व्यवहार, संवेदनशीलता और बड़प्पन के लिए हृदय की गहराइयों से आभारी हैं। संकट के समय जो बिना बुलाए आपके दरवाजे पर आ जाए, वही वास्तव में अपना होता है। यह एहसान नहीं, बल्कि ऐसी इंसानियत है जिसे जीवनभर भुलाया नहीं जा सकता। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आप दोनों सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और समाज की सेवा करते रहें। आप दोनों का यह स्नेह, संवेदना और मानवीयता हमारे परिवार को जीवनभर याद रहेगी। इस मौके पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अस्पताल प्रबंधन से मुलाक़ात कर प्रत्यूष आनंदके स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर इलाज का निर्देश दिया।

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