Default Image

Months format

Show More Text

Load More

Related Posts Widget

Article Navigation

Contact Us Form

Terhubung

NewsLite - Magazine & News Blogger Template
NewsLite - Magazine & News Blogger Template

Chaibasa रांजाबुरु खदान बंदी के दौरान हाईवा चालक से मारपीट का आरोप, भुवनेश्वर रेफर Accused of assaulting a Hiva driver during the Ranjaburu mine closure, referred to Bhubaneswar

 


Guwa (Sandeep Gupta) स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर रांजाबुरु खदान में सोमवार सुबह से शुरू हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच हाईवा चालक से मारपीट का मामला सामने आया है। आंदोलन के दौरान खदान में संचालित एक निजी हाईवा के चालक रविंद्र पासवान ने आंदोलनकारियों पर मारपीट कर घायल करने का गंभीर आरोप लगाया है। घायल चालक को इलाज के लिए सेल गुवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर रेफर कर दिया। साथी दो अन्य चालक भी घायल है जिसे गुवा सेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल चालक रविंद्र पासवान ने बताया कि उसे खदान बंदी की जानकारी मिली थी।


इसके बावजूद मां सरला कंपनी के सुपरवाइजर के निर्देश पर चालकों को माइंस भेजकर हाईवा से लौह अयस्क की ढुलाई कराई जा रही थी। रविंद्र के अनुसार, वह अन्य चालकों के साथ हाईवा से लौह अयस्क का परिवहन कर रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष आंदोलनकारी वहां पहुंचे। रविंद्र का आरोप है कि आंदोलनकारियों के हाथों में डंडे और पत्थर थे और उन्होंने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। उसने बताया कि कुछ अन्य हाईवा चालकों के साथ भी मारपीट की गई, जबकि कुछ चालकों को मारने के लिए दौड़ाया गया। जान बचाने के लिए चालक अपने-अपने वाहनों से कूदकर झाड़ियों और अन्य स्थानों की ओर भाग गए। घटना के बाद घायल रविंद्र को सेल गुवा अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर रेफर कर दिया। 


घटना के बाद खदान क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। इधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने आंदोलनकारियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। खदान बंदी की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। इसके बावजूद कुछ हाईवा से लौह अयस्क की ढुलाई किए जाने की जानकारी मिलने पर आंदोलनकारी परिवहन बंद कराने के लिए वहां पहुंचे थे। राजू सांडिल ने कहा कि आंदोलनकारियों को देखकर चालक अपने-अपने वाहन छोड़कर झाड़ियों और खाई की ओर भागने लगे। 


इस दौरान किसी को चोट लगी होगी तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन किसी आंदोलनकारी ने किसी चालक के साथ मारपीट नहीं की है। घटना की सूचना मिलने के बाद गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने गुवा सेल अस्पताल पहुंचकर घायल चालक का बयान भी लिया। थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविकता और मारपीट के आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।



No comments:

Post a Comment

GET THE FASTEST NEWS AROUND YOU

-ADVERTISEMENT-

.