Guwa (Sandeep Gupta) सारंडा विकास समिति जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले सेल की गुवा खदान अंतर्गत रांजाबुरु खदान में सोमवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के बीच गुवा सेल प्रबंधन ने प्रभावित 18 गांवों के मुंडा-मानकी को वार्ता के लिए बुलाया। हालांकि, आंदोलन में शामिल प्रमुख ग्रामीण प्रतिनिधि, मुंडा-मानकी, लागुड़ा देवगम और मुखिया राजू सांडिल समेत कई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, 12 गांवों के मुंडा एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
सीजीएम चंद्रभूषण कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाप्रबंधक (एचआर) प्रवीण कुमार सिंह, महाप्रबंधक (शिक्षा) अनर्व डे, महाप्रबंधक (ईएंडएल) डॉ. टीसी आनंद, उप महाप्रबंधक (सीएसआर) अनिल कुमार सहित मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रबंधन ने कहा कि पूर्व में 50 बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार देने पर सहमति बनी थी और प्रबंधन अपने निर्णय पर कायम है। इसके लिए सभी मुंडाओं को ग्रामसभा आयोजित कर बेरोजगार ग्रामीणों का चयन करने और सूची ग्रामसभा के पैड पर गुवा थाना प्रभारी के पास जमा करने को कहा गया।
थाना प्रभारी को इस प्रक्रिया का नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। सूची मिलने के बाद चयनित युवाओं को दिसंबर तक रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई। प्रबंधन ने बताया कि फिलहाल 12 ग्रामीणों के नाम प्राप्त हुए हैं, जिनका मेडिकल कराया जाएगा। शेष नाम ग्रामसभा की सहमति के बाद थाना के माध्यम से भेजे जाएंगे। इधर, आंदोलनरत ग्रामीणों का कहना है कि वार्ता के लिए सूचना तो मिली थी, लेकिन उनकी मुख्य मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में 10 अगस्त से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी जारी है।



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