Jamshedpur (Nagendra) सोना देवी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी द्वारा विवेकानन्द ऑडिटोरियम में 59वां अभियंता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में गालुडीह में पदस्थापित जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता रविकांत चैधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए । इन्होंने सभागार में उपस्थित सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दी। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए इन्होंने कहा कि पढाई में ईमानदारी और अनुशासन बहुत जरूरी है। विद्यार्थी पढाई में परंपरागत ज्ञान और आधुनिक ज्ञान में तालमेल बनाकर काम करें। वहीं इस कार्यक्रम में शामिल अजय प्रजापति, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग घाटशिला ने देश में इंजीनियरिंग की शुरूआत के बारे में विद्यार्थियों को बताते हुए कहा कि इसकी शुरूआत थाॅम्पसन काॅलेज अब आईआईटी रूड़की से हुई।
इसके बाद आईआईटी का दौर शुरू हुआ। साथ ही इन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके विद्यार्थियेां की उपलब्धि से होती है। इसलिए विद्यार्थी सही दिशा में मेहनत करें और मिलने वाले अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। अभियंता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इन्होंनें कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है इसलिए विद्यार्थी अनुशासन का पालन करें और जीवन में आगे बढें। देश में प्रतिवर्ष 15 सितंबर अभियन्ता दिवस (इंजीनियर्स डे) के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भारत के महान अभियन्ता भारतरत्न एम विश्वेश्वरैया की जयंती है। एम विश्वेश्वरैया भारत के महान इंजिनियरों में से एक थे। इन्होंने ही आधुनिक भारत की रचना की और भारत को नया रूप दिया।
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं वैज्ञानिक के रूप कई वर्षों तक देश की सेवा की है। उन्हें कार्य के दौरान कर्नाटक में भारत रत्न एम विश्वेश्वरैया द्वारा बनाये गये बांध को भी देखने समझने का अवसर मिला है। कुलपति डाॅ पिंगुवा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे कार्य में व्यवहारिकता पर ध्यान दें।
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विवेकानन्द ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी अभियंताओं को उनकी सेवा के लिए नमन किया। साथ ही विद्यार्थियों से कहा कि विज्ञान के शिक्षा में शोध और नवाचार को बढावा दें। ऐसा काम करें जो सिर्फ किताबों में सिमट कर न रह जाय , बल्कि लोगों का जीवन तकनीक के सहारे सरल बने। कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि शिक्षक और इंजीनियर दोनों निमार्ण कार्य से जुड़े हैं। शिक्षक व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और इंजीनियर राष्ट्र का निर्माण करते हैं , इसलिए दोनों को नमन।
सोना देवी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलाॅजी की विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी ने स्वागत भाषण देते हुए एम विश्वेश्वरैया के योगदानों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही बताया कि किस तरह हम सभी का जीवन तकनीक के सहारे चल रहा है। समाज पूरी तरह अभियांत्रिकी और तकनीक पर आश्रित है। इन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ब्रांच का चयन करते समय अपने विवेक का इस्तेमाल करें। सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने एम विश्वेश्वरैया के जीवन वृत से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन कर की गई और समापन राष्ट्रगीत तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस मौके पर विद्यार्थियों ने पीपीटी के माध्यम से अपने विषय से संबंधित कई प्रस्तुति दी। बीएससी एग्रीकल्चर की छात्रा लक्ष्मी मुर्मू ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता पर प्रस्तुति देते हुए बताया कि पारंपरिक कृषि को स्मार्ट कृषि में कैसे बदला जा सकता है। कम्पयुटर साइंस की छात्र खुशी ने इंजीनियरिंग डे के थीम पर चर्चा की। बीएससी बायोटेक्नोलाॅजी के विद्यार्थियों ने चूहों पर क्लोनिंग के संबंध में पेपर पढा। वहीं बीटेक ईई के छात्र शांतनु ने स्टार्टर पर पेपर पढा।



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